भाजपा जिला मिडिया प्रभारी रितेश चौबे ने क्षेत्रीय भाषा को लेकर झामुमो पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाषा विवाद मामले में झामुमो का नाटक जगजाहिर है झामुमो का सरकार रहते हुए मांग पत्र का खेल शुरू है। इससे यह साबित होता है कि झामुमो के लोग जनता को भ्रमित कर भाषा के नाम पर अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन गढ़वा सहित पूरे झारखंड का युवा झामुमो के राजनीतिक कार्यप्रणाली को समझ रही है। झामुमो सरकार पिछले कार्यकाल में भी भाषा विवाद उत्पन्न किया था जिसे बाद में भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद फैसला बदलना पड़ा था। लेकिन फिर से बार बार पलामू गढ़वा के छात्रों युवाओं को के विरुद्ध झामुमो का साजिश स्पष्ट रूप से सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार अपनी राजनीति रोटी सेकने में लगी हुई है। पलामू गढ़वा के युवाओं को रोजगार से वंचित करने का यह कारनामा जनता भलीभांति समझ चुकी है। झामुमो के लोग दिखावे के लिए बार-बार मांग पत्र अपने ही सरकार को भेजते रहते हैं लेकिन छात्रों युवाओं को इनकी सच्चाई समझ में आ गई है। पलमुआ भाषा को प्राथमिकता हेमंत सरकार ने अबतक नहीं दिया है इससे पलामू गढ़वा के लोग काफी आहत हैं। बार बार नागपुरी भाषा पलामू गढ़वा के लोगों के ऊपर थोप दिया जाता है। जिस भाषा को स्थानीय लोग जानते ही नहीं वह भाषा आखिर क्यों दिया जाता है। इससे यह साबित हो रहा है कि झामुमो युवाओं के भविष्य के साथ राजनीतिक कर रही है हेमंत सरकार अगर गढ़वा पलामू वासीयों के लिए अगर स्थानीय भाषा लागू नहीं करती है तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगे। मौके पर भाजपा नेता नवीन जायसवाल संजय जायसवाल सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।