✍🏻गढ़वा ब्यूरो अरमान खान की रिपोर्ट
श्री बंशीधर नगर:– नगर पंचायत क्षेत्र के पुरैनी ग्राम स्थित कर्बला आस्था और विश्वास का एक ऐतिहासिक केंद्र बन चुका है। बताया जाता है कि यह कर्बला 500 वर्षों से भी अधिक पुराना है। ग्रामीणों का मानना है कि यहां सच्चे दिल से मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं। यही वजह है कि यहां सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन मुहर्रम के महीने में यह स्थल विशेष रूप से गुलजार हो उठता है। मुहर्रम की चांद रात से लेकर अंतिम दिन तक यहां फातिहा खानी और चादरपोशी का सिलसिला चलता रहता है। विशेष रूप से मुहर्रम की सातवीं तारीख को यहां विशाल जनसमूह उमड़ता है, जब हजारों की संख्या में जायरीन कर्बला पहुंचते हैं।
हुसैन मुहर्रम इंतजामिया कमेटी के सदर मकसूद अंसारी ने बताया कि सातवीं तारीख को कर्बला में बड़ी संख्या में जायरीन आते हैं। उनके लिए टेंट, साउंड और पानी जैसी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाती है, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।
वहीं नरही सदर नसीर अंसारी ने बताया कि पुरैनी कर्बला हमारे पूर्वजों के समय से स्थापित है और इसकी ऐतिहासिकता आज भी लोगों को आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि यहां मन्नतें मांगने वालों की मुरादें पूरी होती हैं, इसी वजह से यह स्थान श्रद्धा का प्रतीक बना हुआ है।
मौके पर उपस्थित सदर मकसूद अंसारी नायब सदर शमशेर अंसारी खजांची अख्तर अंसारी के साथ-साथ कमेटी के सदस्यों में शमशाद अंसारी असगर अंसारी शमशेर अंसारी राज बाबू आफताब अंसारी अरबाज अंसारी शाहिद अंसारी साथ ही लोगों ने दुआओं और फातिहा कर सभी के लिए अमन-चैन की कामना की।