
झारखंड दृष्टि सबडिवीजन ब्यूरो चीफ सत्येंद्र कुमार केसरी की रिपोर्ट
भंडरिया बीआरसी कार्यालय में गुरुवार को पारा शिक्षकों ने जमकर बवाल काटा। पारा शिक्षकों ने बीआरसी कार्यालय के बीपीओ पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा अनावश्यक रूप से करीब तीन दर्जन शिक्षकों का मानदेय की राशि कटौति कर भुगतान किया है। जिसके कारण पारा शिक्षकों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है ।शिक्षकों ने कहा कि जैसे ही उनके खाता में बुधवार को मानदेय की राशि क्रेडिट हुआ। शिक्षकों ने देखा कि बगैर किसी सूचना के उनके मानदेय बीआरसी कार्यालय के अकाउंटेंट एवं बीपीओ के द्वारा काटकर भुगतान किया गया है। बीआरसी कार्यालय के कर्मीयों द्वारा इस प्रकार की कि गई अनावश्यक कार्यवाई से आक्रोशित पारा शिक्षकों ने गुरुवार की 2:00 बजे बीआरसी कार्यालय में पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। शिक्षकों ने बीआरसी कार्यालय में 2 घंटे तक बवाल काटा । भंडरिया बीआरसी कार्यालय के बीपीओ एडमोन कच्छप एवं लेखापाल नीलम समद बीआरसी कार्यालय से गायब थे। पारा शिक्षकों ने इन दोनों अधिकारियों से मिलकर अपनी मानदेय की कटौती करने की कारण पूछने के लिए गए थे। लेकिन वहाँ पहुंचने पर पता चला कि तीन दिनों से बिना सूचना के बीपीओ गायब हैं। इस पर लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। पारा शिक्षकों ने विभाग को 24 घंटे में मानदेय कटौती का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है। शिक्षकों ने कहा कि यदि 24 घंटा के अंदर उनके मानदेय कटौती से संबंधित समाधान नहीं किया गया तो बाध्य होकर बीआरसी कार्यालय में ताला बंद कर देंगे। पारा शिक्षकों ने कहा कि अनावश्यक रूप से बगैर सूचना दिये उनके मानदेय कटौति कर भुगतान किया गया है। अगर पारा शिक्षकों ने कोई गलती किया था, तो उसे स्पष्टीकरण की मांग की जानी चाहिए थी। पारा शिक्षकों ने कहा कि विभाग द्वारा रामनवमी की छुट्टी घोषित थी । उस दिन पारा शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन हाजिर नहीं बनाईं गई। इसके लिए भी बीपीओ एडमोन कच्छप द्वारा स्पष्टीकरण निकाली गई है। पारा शिक्षकों ने आरोप लगाया कि बीआरसी कार्यालय के बीपीओ एवं अकाउंटेंट ने शिक्षकों की शोषण दोहन करने के नियत से मानदेय की कटौती कर स्पष्टीकरण की मांग किया है। इस प्रकार पारा शिक्षकों को आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस मौके पर शिक्षक बृजमोहन सिंह, शिव कुमार बाखला, संयुक्ता कुमारी ,सुगंती केरकेट्टा, सूर्य देव सिंह, संजय तिवारी, शशिकांत केसरी, अनिल बर्मन, प्रफुल्लित लकड़ा, कॉलेज सिंह, फनेश्वर सिंह, अशोक कुमार श्रीवास्तव सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।