ब्यूरो रिपोर्ट अरमान खान//गढ़वा:-मनरेगा में घोटाला!भुगतान और हस्ताक्षर के बदले मांगे थे 5000 रुपए, पीड़ित की सूचना पर हुई कार्रवाई
मनरेगा योजना में डोभा निर्माण के भुगतान के लिए मांगी गई थी 5,000 रुपये की घूस।
पीड़ित ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी थी शिकायत, हुई पुष्टि,गुलजार अंसारी को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया,भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज हुआ केस, आरोपी गिरफ्तार,,दंडाधिकारी और गवाहों की उपस्थिति में हुई कार्रवाई।
मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार की कोशिश पर चला त्वरित प्रशासनिक चाबुक गढ़वा जिला के कोरवाडीह पंचायत में मनरेगा योजना के तहत डोमा निर्माण कार्य से जुड़ा एक गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम कोरवाडीह के अखिलेश चौधरी ने रोजगार सेवक गुलजार अंसारी पर 5,000 रुपये रिश्वत ग मांगने का आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), पलामू को सूचना दी थी।
आवेदक के अनुसार, कार्य पूर्ण हो जाने के बाद भुगतान और मास्टर रोल पर हस्ताक्षर के लिए जब उन्होंने रोजगार सेवक से संपर्क किया, तो रुपये मांगे गए। पीड़ित ने रिश्वत देने से साफ इनकार करते हुए ACB से संपर्क किया।
ACB की टीम ने पहले मामले की सत्यापन जांच की, जिसमें गुलजार अंसारी ने 5,000 रुपये लेने की हामी भी भर दी। इसके बाद एक प्रशासनिक योजना के तहत दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में गुलजार अंसारी को रंगे हाथ पकड़ा गया।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
इस मामले में पलामू ACB थाना में कांड संख्या-03/2025 दिनांक 22 अप्रैल 2025 को धारा 7 (a), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी गुलजार अंसारी, पिता स्व. मो. अली अंसारी, ग्राम कंचनपुर, थाना रंका, को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर लिया गया।
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