*धुरकी प्रखंड में मनरेगा योजना में चल रही अनियमितता का जांच करने पहुंचे मनरेगा लोकपाल*
*गढ़वा दृष्टि से ARMAN की रिपोर्ट*
धुरकी: धुरकी प्रखंड के टाटीदीरी पंचायत मे मनरेगा से निर्माण कराए जा रहे विभिन्न योजनाओं का गढ़वा जिले के मनरेगा लोकपाल सुशील तिवारी ने शुक्रवार को भौतिक सत्यापन कर निरीक्षण किया है। निरीक्षण के क्रम मे मनरेगा से बनाए जा रहे गायसेड, बकरीसेड, मुर्गीसेड, मिट्टी मोरम कच्ची सड़क, डोभा, कुआं सहित अन्य योजनाओं का लोकपाल ने स्वयं योजना स्थल पर पहुंचकर जांच किया है। जांच के क्रम मे टाटीदीरी पंचायत के मीरचइया गांव सहित विभिन्न टोले पर पहुंचकर उन्होने सबसे पहले किसी भी योजनास्थल मे बोर्ड (सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड) नही देखकर वहां उपस्थित रोजगारसेवक और बीपीओ को फटकार लगाया है।



लोकपाल ने निरीक्षण के क्रम योजनास्थल पर कुआं मे मानक के अनुरूप कार्य का आंकलन करने के लिए वहां मौजुद मनरेगा कर्मियों से उक्त सभी योजनाओं का दास्तावेज मांगा लेकिन किसी कर्मी ने रेकॉर्ड साथ मे नही रखने की बात कही। वहीं लोकपाल ने टाटीदीरी पंचायत मे मनरेगा से संचालित योजनाओं मे अनियमितता बरतने से इंकार भी नही किया है। उन्होने स्थानीय मिडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए बताया है की धुरकी प्रखंड मे मनरेगा योजनाओं मे घोर अनियमितता बरतने सहित अन्य शिकायतें मिल रही है। उन्होने कहा की इसी क्रम मे टाटीदीरी पंचायत से मनरेगा योजनाओं का भौतिक जांच कर सत्यापन किया जा रहा है। उन्होने यह भी बताया है की उक्त योजनाएं ग्रामीण क्षेत्र मे योग्य लोगो को मिला है अथवा अयोग्य इसकी भी गहनता से जांच चल रही है तथा उक्त योजना जैसै कुआं पशुसेड से कैसे लाभुक व ग्रामीण इसका लाभ ले पा रहे हैं इसका भी जांच मे आकलन किया जा रहा है। लोकपाल ने कहा है की मनरेगा योजनाओं मनरेगा ऐक्ट के विरुद्ध जितने भी अनियमितता मिल रही है उसका भी बिन्दुवार सुची अंकित किया जा रहा है। उन्होने कहा है की फिलहाल उक्त सभी योजनाओं का अभिलेख शीघ्र मांगा है और अभिलेख प्राप्त होने के बाद व मनरेगा योजनाओं मे गड़बड़ी करने वाले इसमे संलिप्त बीडीओ, बीपीओ, सहायक अभियंता, जेई, रोजगारसेवक, पंचायत सेवक व मुखिया सभी पर मनरेगा ऐक्ट कानून के तहत सख्त और कड़ी कार्रवाई अविलंब की जाएगी। आपको बता दें धुरकी प्रखंड के गनियारीकला, टाटीदीरी व भंडार पंचायत मे मनरेगा योजनाओं मे बिना काम कराए सामग्री मद की राशी व मजदुरी का पैसा एक ही वेंडर के खाते मे और विचौलिए मुखिया, जेई के अलावा मनरेगा कर्मियो की मिलीभगत से निकासी कर ली गई है। वहीं मनरेगा मे हो रहे फर्जीवाड़ा के खिलाफ ग्रामीणो ने उपायुक्त को एक माह पूर्व आवेदन भी दिया है।