विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने नव नियुक्त उपायुक्त से की मुलाकात, गिनाईं गढ़वा की प्रमुख समस्याएं
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गढ़वा। विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने हाल ही में नियुक्त गढ़वा उपायुक्त से मुलाकात कर विधानसभा क्षेत्र की जमीनी समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने उपायुक्त की ऊर्जा और कार्यक्षमता की सराहना करते हुए कहा कि गढ़वा एक आकांक्षी जिला है और यहां आपके जैसे कर्मठ एवं योग्य आईएएस अधिकारी की आवश्यकता थी।
विधायक ने कहा कि गढ़वा की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में व्याप्त भ्रष्टाचार है। कई पंचायतों में योजनाएं धरातल पर नहीं उतरीं, फिर भी 100% राशि की निकासी हो चुकी है। उन्होंने इस मामले की गहराई से जांच की मांग की।
उन्होंने जल जीवन मिशन में हुए बड़े घोटाले का भी जिक्र किया और बताया कि इससे आम जनता को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस दिशा में तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की।
विधायक ने गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी नियम-कानून को ताक पर रखकर खुद को एक पूर्व मंत्री का करीबी बताकर सरकारी जमीनों को औने-पौने दामों में अपने चहेतों को बेच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बाजार मूल्य की तुलना में बेहद कम सरकारी मूल्य पर इन जमीनों को बेचा गया और बदले में भारी रिश्वत ली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस अवैध कमाई से तत्कालीन उपायुक्त को भी रकम दी जाती थी। उन्होंने कहा कि वह इस भ्रष्ट कार्यपालक पदाधिकारी के विरुद्ध ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग और गृह मंत्रालय को लिखित शिकायत करेंगे, जिसमें आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की जाएगी।
मनरेगा प्रणाली की विफलताओं की ओर इशारा करते हुए विधायक तिवारी ने कहा कि इस योजना में बड़े पैमाने पर धन की लूट हुई है। पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) में भी घोटाले हुए हैं, जो अब भी जारी हैं। इन मामलों की भी जांच आवश्यक है।
उन्होंने एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र) के नाम पर माफियाओं द्वारा फैलाई गई अराजकता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अपराधी और माफिया गलत दस्तावेजों के आधार पर एलपीसी बनवाकर जमीनों पर अवैध कब्जा कर रहे हैं और ऊंचे दामों पर उन्हें बेच रहे हैं। इससे असली भूधारकों में भय का माहौल है।
अंत में विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सभी प्रमुख समस्याओं की ओर उपायुक्त का ध्यान आकर्षित करते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में गढ़वा में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में आम लोगों को कानून-व्यवस्था का कोई अनुभव नहीं हुआ, लेकिन अब आपके आने से गढ़वा विधानसभा में सकारात्मक बदलाव की आशा जगी है।

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