रघुवर सरकार के दोहरी नियोजन नीति के समय गढ़वा भाजपा को सांप सूँघ गया था – धीरज दुबे*
Read Time:4 Minute, 4 Second

गढ़वा। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए रघुवर दास की पूर्ववर्ती सरकार की दोहरी नियोजन नीति को लेकर सवाल खड़ा किया है। झामुमो नेताओं ने कहा कि जब राज्य के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा था, तब गढ़वा भाजपा मौन साधे बैठी थी, मानो उसे सांप सूंघ गया हो।
झामुमो के पक्षकार सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने बुधवार को प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि रघुवर दास सरकार के समय दोहरी नियोजन नीति के तहत स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय हुआ था। उस दौरान नियोजन नीति में स्थानीयता की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं थी, जिससे पलामू के मूल निवासी युवाओं को नौकरी से वंचित होना पड़ा। लेकिन तब गढ़वा के भाजपा नेता चुप थे, न तो कोई आंदोलन किया और न ही जनता की आवाज को सदन में उठाया।
धीरज दुबे ने आगे कहा कि भाजपा अब चुनाव के समय झूठी नारेबाजी और वादों के जरिए जनता को भ्रमित करने की कोशिश करती है, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हेमंत सरकार ने 75 प्रतिशत नौकरियों को स्थानीय युवाओं के लिए आरक्षित कर स्पष्ट नीति बनाई है, जिससे बेरोजगारी दूर करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है।
उन्होंने भाजपा से सवाल पूछा कि जब रघुवर दास सरकार की नीतियों के खिलाफ राज्यभर में छात्र-नौजवान सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, तो गढ़वा भाजपा और उसके जनप्रतिनिधि कहां थे? झामुमो ने कहा कि गढ़वा भाजपा का मौन रहना यह साबित करता है कि वह रघुवर सरकार की जनविरोधी नीतियों में सहभागी रहे थे।
श्री दुबे ने यह भी कहा कि झारखंड की जनता अब दोहरी राजनीति नहीं, बल्कि स्थायित्व और विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की पारदर्शी नीतियों और रोजगार सृजन के प्रयासों को देखकर ही जनता ने 2019 में भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिया था।
राज्य में संवेदनशील मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार चल रही है। यहां के आदिवासी, मूलवासी तथा युवाओं की भावना को सरकार बखुबी समझती हैं। भाषा मामले पर भी सरकार ने युवाओं की आवाज को सुन लिया है, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के माध्यम से जिले के जिला शिक्षा अधिकारी/अधीक्षक से क्षेत्रीय भाषा पर सुझाव मांगा गया है।
अंत में झामुमो ने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे अब जनता को बरगलाना बंद करें और स्वीकार करें कि उनके शासन में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ। झारखंड उच्च न्यायालय ने रघुवर सरकार के दोहरी नियोजन नीति को रद्द कर दिया था। झामुमो ने गढ़वा की जनता से अपील की कि वे सच और झूठ में फर्क करें और विकास के साथ खड़े रहें।

Average Rating