✍🏻ARMAN KHATRY
श्री बंशीधर नगर//आज दिन शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने जुम्मे की नमाज अदा करके विरोध प्रदर्शन किया,कानपुर में दर्ज हुई एफआईआर के विरोध में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस विरोध मार्च का आयोजन अंजुमन कमेटी की अगुवाई में किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। पूरा नगर शहर “आई लव मोहम्मद” के नारों से गूंज उठा और लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर मोहम्मद ﷺ की शान में नारेबाजी की।

अंजुमन कमेटी के सदर तोहिद खान ने कहा कि मोहम्मद ﷺ रहमतुल्लाह अलैह की शान में गुस्ताखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मोहम्मद ﷺ के 99 नाम हैं, और हर नाम इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देता है। इस मौके पर मुफ्ती सरफराज आलम ने कहा कि मोहम्मद ﷺ की शख्सियत पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आई है, इसलिए उनकी शान में की गई कोई भी गुस्ताखी मुस्लिम समाज को मंजूर नहीं है।
विरोध जुलूस के दौरान “आई लव मोहम्मद”, “मोहम्मद ﷺ की शान में जान भी कुर्बान” और “गुस्ताख-ए-रसूल की सजा, सिर तन से जुदा” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि कानपुर में दर्ज हुई एफआईआर को तुरंत वापस लिया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अंजुमन कमेटी ने इस मौके पर साफ किया कि मुस्लिम समाज का विरोध किसी व्यक्ति या खास समुदाय से नहीं है, बल्कि उस सोच से है जो नफरत और वैमनस्य फैलाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि इस्लाम हमेशा अमन, भाईचारे और मोहब्बत का संदेश देता आया है और आज भी यही पैगाम लेकर मुस्लिम समाज सड़कों पर उतरा है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि मोहम्मद ﷺ की मोहब्बत हर मुस्लिम के दिल में बसी है और उनके खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी असहनीय है। कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो और भी बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर अंजुमन कमेटी के सदर तोहिद खान, सरपरस्त समिम खान, नायब सदर तौकीर आलम, पूर्व सदर तस्लीम खान, मुफ्ती सरफराज आलम, अब्दुल कादिर नूरानी, मौलाना मुख्तार कादरी, मौलाना मुस्तफा रजा, फिरोज, खुर्शीद खान, अमन कुरैशी, अंसार खान, गबर सौदागर, सहनसा खान, तौआब खान, हसनैन खान, अख्तर खान, सद्दाम खान, हैदर खान, अजाद अली खान, गुलुहासमी, मोजाहिद आलम, सलाहु खान सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे।
शहर के कई प्रबुद्ध जन और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस विरोध में शामिल हुए। अंत में दुआएं मांगी गईं कि देश और समाज में अमन-चैन और भाईचारा कायम रहे।