टाउन हॉल मैदान बना अवैध स्टैंड, निजी नंबर की गाड़ियों से सरकार को टैक्स का भारी नुकसान — पीली पट्टी वाले ड्राइवर भाड़े के लिए तरस रहे
गढ़वा। टाउन हॉल के मैदान में इन दिनों प्राइवेट (सफ़ेद पट्टी) नंबर की गाड़ियों का अवैध रूप से खड़ा होना आम बात हो गई है। ये गाड़ियां खुलेआम भाड़े पर चल रही हैं, जिससे न सिर्फ सरकार को टैक्स का बड़ा नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार की मुख्यमंत्री सृजन योजना के तहत पीली पट्टी वाले अधिकृत वाहन मालिकों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान एक सार्वजनिक स्थल है, जहां बच्चे रोजाना खेलने के लिए आते हैं, लेकिन निजी गाड़ी मालिक उन्हें बार-बार खेलने से रोकते हैं। मैदान अब खेल का मैदान कम और अवैध स्टैंड ज्यादा दिख रहा है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि सफेद पट्टी वाले वाहन बिना किसी व्यावसायिक टैक्स के भाड़ा ढो रहे हैं, जबकि पीली पट्टी वाले अधिकृत वाहन सरकार को टैक्स देकर भी यात्रियों के लिए भाड़े का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने जिन लोगों को योजनाओं के तहत गाड़ियां दी हैं, वे आज भाड़ा न मिलने के कारण आर्थिक संकट में हैं।
इधर प्राइवेट नंबर की गाड़ियां बिना किसी अनुमति के रोजाना भाड़ा ढोकर सीधे-सीधे सरकार के राजस्व को नुकसान पहुँचा रही हैं, जो टैक्स चोरी का स्पष्ट उदाहरण है। सवाल यह है कि जब पीली पट्टी वाले वाहन वैध रूप से किराया देने के लिए मौजूद हैं, तो आखिर कब तक प्राइवेट नंबर वाले वाहन इस तरह खुलेआम अवैध ढंग से व्यवसाय करेंगे?
स्थानीय लोगों और अधिकृत ड्राइवरों ने प्रशासन से मांग की है कि टाउन हॉल मैदान को अवैध स्टैंड से मुक्त कराएं, प्राइवेट नंबर की गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीली पट्टी वाले वैध वाहन चालकों को उनका हक दिलाया जाए।
अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले परिवार और भी आर्थिक संकट में धकेल दिए जाएंगे। सरकार को राजस्व बचाने और अवैध भाड़ा संचालन रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
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