

सगमा प्रखंड से अखिलेश राम की रिपोर्ट
सगमा । प्रखंड के दक्षिण सोनडिहा गांव में जनवितरण प्रणाली की महिला डीलर पर गरीब लाभुकों का हक डकारने धमकाने और विरोध करने पर रंगदारी व छेड़खानी जैसे मामलों में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में महिला समाख्या सोसाइटी की अध्यक्ष सोनिया देवी द्वारा जनवितरण दुकान संचालित की जाती है। लाभुकों ने बताया कि गुरुवार को जब वे दिसंबर माह का राशन मांगने पहुंचे, तो डीलर सोनिया देवी ने गुस्से में गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
आरोप है कि डीलर सोनिया देवी ने साफ शब्दों में कहा कि दिसंबर का राशन नहीं दिया जाएगा और सभी लाभुकों को जनवरी माह का राशन मिलेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि जिसे जहां जाना है जाए, राशन नहीं मिलेगा। अधिक बोलने पर रंगदारी और छेड़खानी का केस दर्ज कराने की धमकी दी गई।
डर के कारण मौके पर मौजूद सभी लाभुक वहां से भाग खड़े हुए। लाभुकों का कहना है कि सोनिया देवी एक या दो माह के अंतराल पर राशन देने से इंकार करती रही हैं। इस संबंध में लाभुकों द्वारा दो बार उपायुक्त गढ़वा को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस जांच नहीं कराई गई।
लाभुकों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उक्त डीलर को हटाया नहीं जाएगा, तब तक वे राशन लेने नहीं जाएंगे। वहीं, महिला समाख्या सोसाइटी की अध्यक्ष सोनिया देवी द्वारा इसी मामले में तीन राशन कार्डधारियों पर धुरकी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
इसी क्रम में गांव निवासी विवेक कुमार ने भी डीलर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि पूर्व में उनकी मां चिंता देवी राशन लेने डीलर के यहां गई थीं, जहां उनके साथ मारपीट की गई थी। उनका कहना है कि राशन लेने जाने पर अक्सर अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर डीलर का लाइसेंस रद्द किया जाए तथा किसी अन्य डीलर का चयन किया जाए, ताकि ग्रामीण आसानी से राशन का उठाव कर सकें।
इस संबंध मे महिला समाख्या सोसाइटी की जनबितरण प्रणाली की संचालक डीलर सोनिया देवी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा की लाभुक के द्वारा लगाया गया आरोप सभी निराधार और गलत है।
इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम ने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हुआ है। जिला कार्यालय द्वारा डीलर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जांच के बाद सच्चाई की पुष्टि होने पर अनुज्ञप्ति रद्द करते हुए डीलर के खिलाफ नियमसंगत कानूनी कार्रवाई की जाएगी