विशुनपुरा संवादाता सुनील कुमार की रिपोर्ट

विशुनपुरा प्रखण्ड मुख्यालय के टेंपू स्टैंड में शनिवार को भारत रत्न लोकनायक कर्पूरी ठाकुर की 102 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई.जहां सत्यनारायण विभूति ठाकुर सहित अन्य लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। 24 जनवरी को मनाई जाने वाली इस जयंती के अवसर पर लोकनायक कर्पूरी ठाकुर के योगदान और विरासत को याद किया गया।
कार्यक्रम के आयोजन करता सत्यनारायण विभूति ठाकुर ने कहा की कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति में गरीबों, पिछड़ों और दबे-कुचले वर्ग की मजबूत आवाज बनकर उभरे। वे दो बार बिहार के मुख्यमंत्री, एक बार उपमुख्यमंत्री और दशकों तक विधायक व विपक्ष के नेता रहे। 1952 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। वे बिहार के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने, जिसने राज्य की राजनीति को नई दिशा दी।
ओमप्रकाश ठाकुर ने कहा कि सादगी और निष्कलंक जीवन
राजनीति में लंबा सफर तय करने के बावजूद कर्पूरी ठाकुर के पास निधन के समय कोई निजी संपत्ति या पक्का मकान तक नहीं था। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और वंचित वर्गों के हित में समर्पित कर दिया। सादगी, ईमानदारी और जनसेवा उनकी पहचान बनी रही।
इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे जिसमें धर्मजीत ठाकुर, कृष्णा ठाकुर, नान्हू ठाकुर आदि थे। इस कार्यक्रम का आयोजन ठाकुर सत्यनारायण विभूति द्वारा किया गया था।