विशुनपुरा:
ब्लॉक प्रमुख दीपा कुमारी ने 16 मार्च को एक पत्र जारी कर विशुनपुरा अंचल क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अंचल प्रशासन की कथित उदासीनता पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने जनहित के कार्यों में आ रही परेशानियों के लिए अंचलाधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है।
प्रमुख दीपा कुमारी ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक न्याय का अधिकार देश के हर नागरिक को है। इसके तहत हर व्यक्ति को निडर, स्वच्छ और सम्मानजनक तरीके से रोजगार करने का अधिकार है, चाहे वह सब्जी विक्रेता हो, ठेला-खोमचा संचालक हो, ऑटो चालक हो या अन्य कोई। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए अनुकूल व्यवस्था करना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन अंचल प्रशासन इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अंचलाधिकारी भूमि अतिक्रमणकारियों के आगे पूरी तरह असहाय नजर आ रहे हैं और जनहित के कार्यों से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। प्रमुख ने कहा कि प्रशासन की सुस्ती का नतीजा है कि अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस के लिए निर्धारित जगह पर निर्माण हो रहा है, सब्जी बाजार सड़क पर लग रहा है और बच्चों को सरकारी जमीन होने के बावजूद स्कूल का मैदान नहीं मिल पा रहा है।
इसके अलावा कई स्कूलों के मैदान पर अतिक्रमण हो रहा है, आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्य सड़क से जुड़ाव नहीं हो पा रहा है, सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय का निर्माण नहीं हो रहा है और वाहनों के लिए स्टैंड की व्यवस्था भी नहीं बन पा रही है। उन्होंने कहा कि विशुनपुरा अंचल क्षेत्र में हजारों एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद इन सुविधाओं का अभाव प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
प्रमुख दीपा कुमारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अंचल प्रशासन जल्द अतिक्रमण हटाने और जनहित के कार्यों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाता है, तो वे तिरंगा झंडा लेकर कैंडल मार्च निकालेंगी और अंचलाधिकारी के खिलाफ पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन करेंगी
