

आजादी के 78 साल बाद भी कांडी प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर पंचायत के आदिवासी टोला लुका में सड़क नहीं बन पायी है. करीब 300 की आबादी वाले इस गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीण राजेंद्र सिंह , सतेंद्र सिंह , सुदर्शन सिंह, मधेशर सिंह ने बताया कि गर्मी में धूल और बरसात में कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. बारिश के दिनों में पूरा गांव टापू बन जाता है. रामप्रसाद सिंह ने कहा कि बीमार को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. कई बार रास्ते में ही मरीज की हालत बिगड़ जाती है. एंबुलेंस गांव तक नहीं आ पाती. गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है. सड़क नहीं होने से स्कूली बच्चों को भी परेशानी होती है. कीचड़ के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं. बरसात में स्कूल जाना बंद हो जाता है. रामपुकार सिंह ने कहा कि शादी-ब्याह में भी दिक्कत होती है. बारात की गाड़ी गांव तक नहीं आती. सामान ढोकर लाना पड़ता है. कोई रिश्ता करने से भी कतराता है कि सड़क नहीं है. इसी समस्या को लेकर आदिवासी ग्रामीणों ने मुखिया अनुज कुमार सिंह को बुलाकर एक बैठक शनिवार को किया गया जिसमें सभी ग्रामीणों ने अपना रैयति जमीन में रास्ता बनाने के लिए सहयोग किया वही अमीन नवलेश सिंह द्वारा 2 किलोमिटर रास्ता निकालने का मापी किया गया जो की लुका स्कूल से लेकर पश्चिम पहाड़ तक हैं सभी मापी किया गया जमीन में जेसीबी से साफ कराया गया मौके पर उपस्थित भुवनेश्वर सिंह, नंदकिशोर सिंह, राजा सिंह, ओम प्रकाश सिंह, अरविंद सिंह, अखिलेश सिंह, जितेंद्र सिंह ,नवीन सिंह एवं सैकड़ो लोग उपस्थित थे