खरौंधी प्रखंड से चंदेश कुमार पटेल की रिपोर्ट

खरौंधी (गढ़वा)। आजादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी खरौंधी प्रखंड में एक भी पेट्रोल पंप स्थापित नहीं हो सका है। इसके कारण क्षेत्र के लोगों को डीजल-पेट्रोल लेने के लिए 20 से 30 किलोमीटर दूर भवनाथपुर या उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों तक जाना पड़ता है।
पेट्रोल पंप नहीं होने का सीधा असर आम लोगों, किसानों, व्यापारियों और वाहन चालकों पर पड़ रहा है। कई बार लोग लंबी दूरी तय कर डीजल-पेट्रोल लेने पहुंचते हैं, लेकिन वहां भी घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है की क्षेत्र में पेट्रोल पंप नहीं होने से आपात स्थिति में भारी परेशानी होती है। खासकर रात के समय किसी मरीज को अस्पताल ले जाने या अचानक वाहन का डीजल-पेट्रोल खत्म होने पर लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
किसानों ने बताया कि खेती के मौसम में सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए डीजल की अधिक आवश्यकता होती है। दूर-दराज से डीजल लाने में अतिरिक्त खर्च और समय लगता है। वहीं व्यापारियों का कहना है की डीजल-पेट्रोल की व्यवस्था के लिए बार-बार बाहर जाना पड़ता है, जिससे उनका कामकाज प्रभावित होता है।स्थानिय लोगों का कहना है की खरौंधी में यदि पेट्रोल पंप हो जाता है तो पेट्रोल डीजल के लिए हम सभी को 20-30 किमी दूर जाने का परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी और हम सभी को अपने ही प्रखंड में पेट्रोल डीजल आसानी से मिल जाएगा।