
खरौंधी। गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित चौरिया गांव में आज एक ऐसा स्थल है, जो गांव की पहचान बन चुका है। यह स्थल है पटेल चौक, जहां भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थापित है।
कहानी वर्ष 2017 की है। गांव के प्रबुद्ध लोगों और युवाओं के मन में यह विचार आया कि चौरिया गांव में ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा स्थापित की जाए, जिसने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। सभी लोगों ने मिलकर निर्णय लिया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थापित कर उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाया जाए।
इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग और जनसहभागिता से प्रतिमा स्थापना का कार्य शुरू हुआ। लोगों ने तन, मन और धन से सहयोग दिया। लंबे प्रयासों के बाद गांव के मुख्य चौक पर सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित की गई। यह केवल एक प्रतिमा नहीं थी, बल्कि गांववासियों के सपनों, सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक थी।
15 दिसंबर 2017 का दिन चौरिया गांव के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। इस दिन झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने प्रतिमा का अनावरण किया। समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित हुए। सभी ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रतिमा स्थापित होने के बाद चौक की पहचान पूरी तरह बदल गई। पहले जो स्थान केवल एक सामान्य चौराहा था, वह अब “पटेल चौक” के नाम से प्रसिद्ध हो गया। आज आसपास के गांवों के लोग भी इस स्थान को पटेल चौक के नाम से ही जानते हैं।
जब भी कोई व्यक्ति इस चौक से गुजरता है, उसकी नजर प्रतिमा पर अवश्य पड़ती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो सरदार पटेल आज भी लोगों को एकता, अखंडता और राष्ट्र सेवा का संदेश दे रहे हों।
इस प्रकार चौरिया में स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि गांव के गौरव, एकता और राष्ट्रप्रेम की जीवंत कहानी है। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा यह संदेश देती रहेगी कि एक मजबूत और संगठित राष्ट्र ही विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।