एक साथ उठी भाई बहन की अर्थी, ह्रदय विदारक घटना रांची से आई जिसे सुन आपके आंखों से आसू छलक उठेंगे।
राजधानी राँची के पंडरा थाना क्षेत्र के जनक नगर में भाई बहन की रविवार को दिन में जैसे ही अर्थी उठी, वैसे ही वहां मौजूद लोगों के साथ साथ मोहल्लेवासी आंखों से आंसू रोक नहीं पाये। इससे परिजन, परिचित और समाज के लोगों के चेहरे पर शोक की वातावरण थी। अस्पताल में भर्ती माँ चंदा देवी आखिरी समय मे अपने बच्चों को भी नही देख सकी। मोहल्ले से जैसे ही दोनों बच्चो की अर्थी उठी, वहां मौजूद लोगों की आंखे से आंसू रुक नहीं रहा था।
इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों बच्चों के पिता संजीव सिंह रविवार को दोपहर विमान से अबुधाबी से राँची पहुंचे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही संबंधियों को देख बेहोश होकर गिरने लगे। घर पहुंचने पर अपने इकलौते बेटे और बेटी को इस हाल में पड़ा देख चिल्ला चिल्लाकर रोने लगे। दोनों के शव से लिपट कर बार-बार यही कह रहे थे कि अब किसके लिए जिंदा रहेंगे। बेटा प्रवीण के शव को देखकर बोलने लगे कि अब मेरे बुढ़ापे का सहारा कौन बनेगा। एक बची पत्नी तो वह भी कब साथ छोड़ चली जाएगी, पता नहीं।
वहीं दोनों बच्चो को उनके चचेरे भाई सोनू कुमार ने मुखग्नि दी। वहीं पिता संजीव सिंह सीटीओ मुक्तिधाम के एक कोने में बैठकर दोनों बच्चों के शव को निहार रहे थे। अंत्येष्टि के समय कोई भी अपने दिल की पीड़ा को प्रकट नहीं कर पा रहे थे।
बता दे एक सनकी युवक ने कुछ दिन पहले घर में घुसकर दोनो भाई बहन की निर्मम हत्या कर दी थी। मां को भी मरा समझकर छोड़ दिया था। गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज रिम्स में चल रहा है वह भी जीवन और मौत से जंग लड़ रही है। एक पिता के लिए दुख का पहाड़ टूट पड़ा। इस संकट की घड़ी में भगवान उन्हें सहनशीलता दे और उस हत्यारे कातिल को फांसी की सजा हो।
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