चाय की पत्तियां कैसे तोड़ती हैं महिलाएं!
Chai kaise banti hai, how to chai make in factory
वीडियो में चारों तरफ फैले हुए चाय के बागान हैं। दूर दूर तक फैला हुआ ये वे पौधें है जिससे चाय बनाई जाती है और हम घर बैठे इन्ही चाय की पत्तियों से बने चाय का आनंद उठाते हैं। यहां काम करने वाले लोग काफी मेहनत से चाय की पत्तियां इकट्ठा करती हैं। जिससे चाय बनता है। कभी कभी तो साप भी देखने को मिल जाता है।
अब इन पौधों से कौन सी पतियां निकाली जाती हैं जो चाय के लिए सही है। दिन भर यहां काम करने वाली महिलाएं पुरुषों का पतियां तोड़ने का तरीका वाकई काफी अनोखा है। आप भी देखें कैसे तोड़ी जाती है पत्तियां।इन्हे क्वालिटी पता बोला जाता है।
इनका दोपहर के खाने का समय है इसी दौरान इनसे कुछ बात हुआ। यहां काम करने वाली रेखा बताती हैं 40 से 50 की संख्या में हमलोग यहां काम करते हैं। हमलोगो को क्वालिटी पता तोड़ना होता है। इस तरह के पता का भाव अच्छा मिलता है। दिन का हमें 232 Rs मिलता है। ओवर टाइम करने पर 50 रुपया और मिलता है। उन्होंने बताया तोड़े हुए पत्ते को बाबू लोग वजन कर ले जाते हैं। तोड़े हुए पता 20 से 25 रुपए प्रति किलो बिकता है।
झाड़ी होने की वजह से पत्तियां तोड़ने वाले लोग अपने पैरों में प्लास्टिक की बोरी बांध लेते हैं। ताकि कंटीली झाड़ियां से उन्हे नुकसान ना हो।
यह विडिओ डंगुआझार टी गार्डन की है। पश्चिम बंगाल के जलपाई गुड़ी में स्थित यह टी बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। नाम है डेंगू आ झार, इस नाम में दो चीजें पारा डेंगू और दूसरा जर यानी बुखार। कहां जाता है कि इस गार्डन में रहने वाले लोग डेंगू वाले मच्छर के काटने से उन्हे बुखार हो गया था। इसलिए इसका नाम डेंगुआझार पड़ गया।
भारत के आसाम और पश्चिम बंगाल में इसकी खेती मुख्य रुप से की जाती है।
सफ़र के दौरान कुछ देखने को मिला सोच आपको भी कुछ दिखा दूं। हमारे चैनल पर दिखाने वाला कंटेंट को यदि आप पसंद करते हैं तो अपने दोस्तों को जरूर दिखाएं।
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