पांडू प्रखंड से झारखंड दृष्टि संवाददाता नईम अंसारी की रिपोर्ट
पलामू ज़िले के पाण्डु प्रखंड अंतर्गत ग्राम कुशहा में रमज़ान के पाक महीने में इबादत और रहमत का सिलसिला जारी रहा। आज, 28 मार्च, 28वें रोज़े के दिन नूरी मस्जिद में ख़त्म-ए-कुरान मुकम्मल हुआ, जिससे पूरे गाँव में ख़ुशी और सुकून का माहौल बन गया। इस मुकद्दस मौके पर गाँववासियों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और अल्लाह से रहमत और बरकत की दुआ मांगी।
तरावीह की नमाज़ के दौरान हाफ़िज़ खुर्शीद अंसारी, पिता ग़यासुद्दीन अंसारी, ने मुकद्दस किताब कुरान-ए-पाक को मुकम्मल किया। खुर्शीद अंसारी ने पूरे कुरान को जबानी याद कर लिया और रमज़ान के इस बरकत वाले महीने में पूरे गाँव को कुरान सुनाने का सौभाग्य प्राप्त किया। यह पूरे गाँव के लिए फ़ख्र और इनायत की बात रही।
रमज़ान इस्लाम का सबसे मुकद्दस महीना माना जाता है, जिसमें मुसलमान पूरे ईमान और इख़लास के साथ अल्लाह की इबादत करते हैं, रोज़ा रखते हैं और रात की नमाज़ों में शरीक होते हैं। तरावीह की नमाज़ का ख़ास अहमियत है, जिसमें पूरा कुरान मुकम्मल किया जाता है। इसी सिलसिले में कुशहा की नूरी मस्जिद में भी रोज़ा इफ़्तार और तरावीह की नमाज़ के बाद कुरान मुकम्मल किया गया।
इस मुबारक मौके पर गाँव के लोगों ने ख़ास दुआएं मांगीं और एक-दूसरे को रमज़ान की बरकतों का एहसास दिलाया। इस आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था फैज़ान-ए-रहमत कमेटी कुशहा के सदर, सेक्रेटरी और तमाम अरकान के तआवुन से कामयाबी के साथ पूरी हुई। कमेटी ने इस मौके पर सभी को इत्तेहाद और इख़लास के साथ आगे बढ़ने का पैग़ाम दिया।
रमज़ान के दौरान मुसलमान अपनी कमाई में से ज़कात और फ़ित्रा अदा करते हैं, जिससे ज़रूरतमंदों की मदद हो सके और समाज में भाईचारे की फ़िज़ा क़ायम रहे। गाँववासियों ने इस पाक मौके पर ज़कात और ख़ैरात का एहतमाम किया, ताकि गरीब और बेसहारा लोगों को भी रमज़ान की ख़ुशियों में शरीक किया जा सके।
इस मुकद्दस मौके पर नूरी मस्जिद में अकीदतमंदों की बड़ी तादाद मौजूद रही। लोगों ने नमाज़, तिलावत-ए-कुरान और तस्बीह के ज़रिए अल्लाह की बारगाह में अपनी बंदगी पेश की। इस मौके पर गाँव के बुज़ुर्गों, नौजवानों और बच्चों ने एक साथ मिलकर ख़ुशी का इज़हार किया और एक-दूसरे को रमज़ान के आख़िरी अशरे की मुबारकबाद दी।
ख़त्म-ए-कुरान की इस मुबारक तक़रीब के दौरान ख़ासकर रमज़ान की मुकद्दस रातों की फ़ज़ीलत पर रोशनी डाली गई और दुआएं की गईं कि अल्लाह तआला सभी की इबादतों को क़ुबूल फरमाए और सबको कामयाबी और सलामती अता करे। इस मौके पर गाँववासियों ने इत्तेहाद, मोहब्बत और अमन का पैग़ाम दिया और रमज़ान की रहमतों से पूरी इंसानियत को नवाज़े जाने की दुआ की।


