नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय व गढ़वा के महाविद्यालयों में शैक्षणिक अव्यवस्था, झारखंड छात्र मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन
नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय एवं इसके अंतर्गत संचालित गढ़वा जिले के प्रमुख सरकारी महाविद्यालयों—नामधारी महाविद्यालय और मॉडल डिग्री महाविद्यालय—में व्याप्त शैक्षणिक अव्यवस्था को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा गढ़वा इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने माननीय कुलपति महोदय को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रमंडल का एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय होने के बावजूद यहाँ शैक्षणिक व्यवस्था दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है, जिसका सीधा असर हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ रहा है।
झारखंड छात्र मोर्चा ने आरोप लगाया कि समय पर कक्षाएँ संचालित नहीं हो रही हैं, परीक्षाओं में लगातार विलंब हो रहा है तथा परिणाम घोषित होने में अनावश्यक देरी के कारण छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी पाठ्यक्रमों का शैक्षणिक सत्र नियमित करने की माँग की गई है। संगठन ने यह भी कहा कि समय पर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए उत्तरपुस्तिकाओं की जाँच किसी अन्य सक्षम एवं मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कराई जाए, जिससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके।
गढ़वा जिले के नामधारी महाविद्यालय एवं मॉडल डिग्री महाविद्यालय की स्थिति पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए छात्र मोर्चा ने कहा कि इन महाविद्यालयों में अव्यवस्था चरम पर है। कक्षाओं की अनियमितता, आधारभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण छात्र लगातार परेशान हैं। संगठन ने दोनों महाविद्यालयों की उच्चस्तरीय जाँच कर जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं कर्मियों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है।
इसके साथ ही गैर सरकारी महाविद्यालयों द्वारा छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लेने के बावजूद नामांकन एवं पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण नहीं करने के मामलों को गंभीर बताते हुए दोषी महाविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित व्यक्तियों को चिन्हित कर सख्त दंड देने की माँग की गई। छात्र मोर्चा ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन प्रभावित छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें मॉडल डिग्री महाविद्यालय में नामांकन का अवसर प्रदान करे, ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।
ज्ञापन में जर्जर अवस्था में पड़े नामधारी महाविद्यालय के मल्टीपर्पस हॉल की मरम्मत कर उसे उपयोगी बनाने, सभी परीक्षाएँ वहीं आयोजित कराने, नर्सिंग एवं बी.एड सहित सभी परीक्षा फार्म ऑनलाइन मोड में भरवाने तथा बिना आहर्ता पूर्ण करने वाले महाविद्यालयों पर कार्रवाई की माँग भी की गई। इसके अतिरिक्त सभी महाविद्यालय परिसरों में महापुरुषों की आदमकद प्रतिमा, जीवन वृत्त एवं स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को स्थायी रूप से अंकित करने की बात कही गई, जिससे विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, संवैधानिक चेतना एवं ऐतिहासिक बोध विकसित हो सके।
इस अवसर पर झारखंड छात्र मोर्चा गढ़वा के जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने कहा कि नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय प्रमंडल का एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहाँ शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। सत्र अनियमित है, परीक्षाएँ समय पर नहीं होतीं और परिणामों में महीनों की देरी से छात्रों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। महाविद्यालयों द्वारा छात्रों से अतिरिक्त पैसे लेकर भी नामांकन और पंजीयन प्रक्रिया पूरी नहीं करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।विश्वविद्यालय प्रशासन यदि ऐसे महाविद्यालयों पर कठोर कार्रवाई नहीं करता है, तो यह उसकी मिलीभगत मानी जाएगी। झारखंड छात्र मोर्चा किसी भी कीमत पर छात्रों का वर्ष बर्बाद नहीं होने देगा।
सचिव विकास चंद्रवंशी ने कहा की गढ़वा जैसे सुदूरवर्ती जिले के छात्र सबसे अधिक पीड़ित हैं, जिनकी कोई सुनने वाला नहीं है।नामधारी महाविद्यालय और मॉडल डिग्री महाविद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाती है। कोषाध्यक्ष सूरज तिवारी ने बताया कि आज हमने कुलपति महोदय के पास यह बात रखी है कि सत्र को जल्द से जल्द नियमित किया जाए। सत्र लेट होने से छात्रों का नुकसान हो रहा है, इसलिए इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएं।मौके पर सह संगठन सचिव विक्की रौशन उपस्थित रहे।
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