

खरौंधी प्रखंड से चंदेश कुमार पटेल की रिपोर्ट
खरौंधी (गढ़वा): अक्सर कहा जाता है की यदि पुलिस संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करे तो जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान संभव है। इसी विश्वास और न्याय की उम्मीद के साथ लोग थाना का रुख करते हैं, जबकि कई मामलों में उन्हें न्याय के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाना पड़ता है।इसी क्रम में गढ़वा जिले के खरौंधी थाना में एक ऐसा मामला सामने आया, जहां थाना प्रभारी की सूझबूझ और पहल से एक प्रेमी-प्रेमिका के बीच उत्पन्न विवाद को सुलझा लिया गया। इतना ही नहीं, दोनों परिवारों की सहमति से दोनों का विवाह संपन्न कराया गया, जिससे एक परिवार टूटने से बच गया और समाज में एक सकारात्मक संदेश भी गया।
दरअसल यह मामला गढ़वा जिला के खरौंधी थाना क्षेत्र का है यहां हुसरू गांव की अनिता कुमारी ने अपने प्रेमी सत्येंद्र उरांव के खिलाफ थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। आवेदन में अनिता ने बताया की उसका और सत्येंद्र उरांव का कई वर्षों से प्रेम संबंध था और दोनों शादी करने के लिए तैयार थे लेकिन अचानक सत्येंद्र द्वारा विवाह से इनकार किए जाने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गई और न्याय की उम्मीद में थाना पहुंची।
अनिता कुमारी अपनी दादी के साथ थाना पहुंची और अपने प्रेमी के खिलाफ लिखित आवेदन दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी गुलशन कुमार गौतम ने दोनों पक्षों को थाना बुलाया और पूरे मामले की जानकारी ली।
थाना में हुई बातचीत के लिए दोनों परिवारों को भी बुलाया गया। काफी विचार-विमर्श के बाद दोनों परिवारों ने आपसी सहमति जताई और विवाह के लिए राजी हो गए। इसके बाद थाना प्रशासन की पहल पर गुरुवार को खरौंधी स्थित शीतला देवी मंदिर में अनिता कुमारी और सत्येंद्र उरांव का विवाह विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया।
विवाह के दौरान दोनों परिवारों के सदस्य और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। थाना प्रभारी की पहल से एक विवादित मामला सुलझ गया और दोनों प्रेमी एक-दूसरे के जीवनसाथी बन गए।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा की पुलिस की सक्रियता और समझदारी से एक परिवार टूटने से बच गया ।