खरौंधी (गढ़वा): परिवार के बेहतर भविष्य का सपना लेकर छत्तीसगढ़ कमाने गया 20 वर्षीय युवक कभी वापस नहीं लौटेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। मंगलवार सुबह जैसे ही बैतरी गांव निवासी रूपक यादव का शव उसके पैतृक घर पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया। घर के आंगन में चीख-पुकार और विलाप से हर आंखें नम हो गई। नवविवाहित पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं माता-पिता अपने जवान बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेसुध हो रहे थे। यह मंजर देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।मृतक खरौंधी थाना क्षेत्र के बैतरी गांव निवासी शूकर यादव का 20 वर्षीय पुत्र रूपक यादव था। वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित एक कंपनी में काम करता था। रविवार को वह करीब 30 मीटर ऊंचाई पर कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल रूपक को सहकर्मी तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर मंगलवार को गांव पहुंचे। बेटे के अंतिम दर्शन के लिए घर और आसपास लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर किसी के चेहरे पर दुख साफ झलक रहा था। गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।बताया जाता है कि रूपक यादव की शादी वर्ष 2025 में हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद उसने अपने परिवार और नवविवाहित पत्नी के सुनहरे भविष्य के लिए घर से दूर छत्तीसगढ़ जाकर मेहनत-मजदूरी शुरू की थी। किसी को क्या पता था कि परिवार की खुशियों के लिए घर से निकला बेटा पार्थिव शरीर के रूप में घर लौटेगा।रूपक की असमय मौत ने पूरे परिवार की खुशियां छीन ली हैं।

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