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रिपोर्ट:चंदेश कुमार पटेल (न्यूज कोर्डिनेटर हेड)

झारखंड पुलिस में कार्यरत सुमेर चौधरी इन दिनों अपनी सराहनीय पहल को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। कोर्ट में मॉर्निंग शिफ्ट की ड्यूटी पूरी करने के बाद वे अपना बचा हुआ समय सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने में लगा रहे हैं। उनका यह समर्पण लोगों के बीच प्रेरणा का विषय बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से लगमा पेट्रोल पंप के पास हाईवे पर रॉन्ग साइड से वाहन चलाने के कारण लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर लोगों को जागरूक करने का जिम्मा उठाया।
सुमेर चौधरी ने बताया कि फिलहाल उनकी ड्यूटी कोर्ट में मॉर्निंग शिफ्ट में है। ड्यूटी समाप्त होने के बाद वे प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाते हैं। उनका कहना है,
“अगर मेरे प्रयास से एक भी जान बचती है, तो यह मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य होगा।”
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ा मानवता का कार्य है। इसी सोच के साथ उन्होंने निर्णय लिया है कि यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना में घायल को तत्काल निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाता है, तो उस वाहन का किराया वे स्वयं वहन करेंगे।
इतना ही नहीं, जो लोग मानवता की मिसाल पेश करते हुए घायलों की मदद करेंगे, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि समाज में जनसेवा और मानवता का संदेश मजबूत हो सके।
सुमेर चौधरी का कहना है कि दुर्घटना के समय पुलिस या एंबुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचने में कुछ समय लगना स्वाभाविक है, लेकिन यदि आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए आगे आएं, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा,
“मानवता सबसे बड़ा धर्म है। आइए, मिलकर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद के लिए आगे आएं और जीवन बचाने का संकल्प लें।

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chandeshraj1

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