ग्रामीण जिला ब्यूरो सुनील कुमार कि रिपोर्ट

विशुनपुरा (गढ़वा)। जिले में अवैध बालू खनन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) राजेंद्र उरांव ने शुक्रवार को विशुनपुरा प्रखंड के पिपरीकला-जतपुरा पंचायत द्वारा संचालित कैटेगरी-1 बालू घाट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाट संचालन, खनन कार्य, परिवहन व्यवस्था तथा सरकारी मानकों के अनुपालन की विस्तृत जांच की।
डीएमओ ने घाट संचालकों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश देते हुए कहा कि बालू का उपयोग केवल सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं, सड़क निर्माण, पीसीसी ढलाई समेत जनहित के कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार बालू का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि खनन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संध्या-बांकी नदी के अवैध घाटों की भी हुई जांच
निरीक्षण के क्रम में डीएमओ ने संध्या-बांकी नदी के किनारे संचालित अवैध बालू घाटों का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन गतिविधियों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि बिना वैध अनुमति के बालू उत्खनन, भंडारण अथवा परिवहन करते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही अवैध खनन में प्रयुक्त ट्रैक्टर, हाइवा, जेसीबी समेत अन्य वाहनों को जब्त कर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप
खनन विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्रशासन की बढ़ती सख्ती के कारण कई स्थानों पर अवैध गतिविधियों में कमी आई है।
निरीक्षण के दौरान खनन विभाग के पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, प्रमुख दीपा कुमारी, उप प्रमुख प्रतिनिधि अजय पाल सहित स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे। डीएमओ ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण अभियान चलाने तथा अवैध खनन की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।