
खरौंधी (गढ़वा): खरौंधी प्रखंड प्रमुख आभा रानी ने मंगलवार को अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर
वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में प्रखंड कार्यालय के लिए खरीदे गए कार्यालय उपस्करों की खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए फर्जीवाड़े की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया की वर्ष 2023-24 में लगभग तीन लाख रुपये की लागत से दो स्टील आलमारी, 20 प्लास्टिक चेयर, दो एक्जीक्यूटिव टेबल, कार्टेज सहित अन्य सामग्री की खरीद दिखाई गई है, लेकिन उक्त उपस्कर वर्तमान में कार्यालय में कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।प्रमुख आभा रानी ने बताया कि खरीद से संबंधित उपलब्ध इनवॉइस एवं दस्तावेजों की जांच के दौरान कई विसंगतियां सामने आई हैं। उनके अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के खरीद दस्तावेजों में तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के अलग-अलग हस्ताक्षर पाए गए हैं, जिससे मामले पर संदेह गहरा गया है।उन्होंने कहा कि इस संबंध में तत्कालीन बीडीओ गणेश महतो से बातचीत की गई, जिसमें कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर उपस्कर खरीद किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।प्रमुख ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी करीब तीन लाख रुपये की लागत से कार्यालय उपस्करों की खरीद की गई है। इसमें 20 डब्बा कार्टेज, एक एक्जीक्यूटिव टेबल, लैपटॉप, आलमारी, कुर्सियां समेत अन्य सामग्री शामिल है। लेकिन इन सामानों की उपलब्धता और उपयोगिता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।आभा रानी ने प्रखंड कार्यालय के कर्मियों से खरीदे गए सभी उपस्करों को कार्यालय में उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो मामले की शिकायत उपायुक्त गढ़वा से की जाएगी।मौके पर बीडीसी विकास कुमार सिंह, कृष्णा राम सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
Leave a Reply