संवादाता दयानंद यादव की रिपोर्ट
कांडी प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल स्थित बजरंगबली मंदिर के प्रांगण में जिले के बरडीहा, मझिआंव, केतार व कांडी यानी 4 प्रखंडों के सैकड़ों झोलाछाप कहे जाने वाले डॉक्टरों ने बैठक की। बैठक में शामिल सभी डॉक्टरों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि हमसभी प्रेक्टिस करना बंद कर रहे हैं।
अब ग्रामीण क्षेत्रों गुजर बसर करने वाले लोगों की जिंदगी कैसे बचेगी यह सबसे बड़ा सवाल है। वहीं यदि सरकार व उच्चाधिकारी की बात करें तो सरकारी अस्पतालों पर एक बार भी नजर नहीं फेरा जाता। कांडी प्रखण्ड मुख्यालय स्थित एक सरकारी अस्पताल है, जो केवल 6 घण्टे ही खुलता है। एक भी अच्छे चिकित्सक नहीं हैं कि इलाज किसी भी रोगी का ठीक तरीके से हो सके। वहीं प्रत्येक पंचायत में खड़े स्वास्थ्य केंद्र के बने भवन स्वास्थ्य विभाग का जबरदस्त पोल खोल रहा है, जहां एक भी नर्स तक नहीं।

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