बिशुनपुरा संवाददाता सुनील कुमार की रिपोर्ट
गढ़वा जिला के बिशुनपुरा प्रखंड के जतपुरा गांव में एक ऐसा आंगनबाड़ी केंद्र है , जहां पर न बच्चों को पानी पीने के लिए चंपाकाल की व्यवस्था है,और नही आंगनबाड़ी केंद्र पर जाने का रास्ता.इस आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चो के लिए खाना बनाने के लिए पानी दूसरे जगह से लाना पड़ता है। बच्चो को पानी पीने के लिए बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विदित हो की इस आंगनबाड़ी केंद्र के पास में गोरेया बाबा का स्थान है। गांव के लोग इस स्थान पर विवाह शादी में चौठारी छोड़ाने आते हैं। गांव के लोगों को भी पाने के लिए दर व दर भटकना पड़ता है। यानी यह जो आंगनबाड़ी केंद्र है इसी के पास आस्था के श्री गोरेया बाबा का स्थान है।इस स्थान पर चंपाकल नही होने से बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस स्थान पर आने जाने का रास्ता भी नही है इस संबंध में इस आंगनबाड़ी केंद्र के सेविका शर्मिला देवी बताते हैं कि हमलोग कई बार चंपाकल गड़वाने के लेकर विभागीय अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं लेकिन आज तक समस्या का हल नही हुवा। जिसके कारण बच्चो एवम लोगो का बहुत ही परेशानी होता है। विदित है की इस आंगनबाड़ी केंद्र तो गांव के बीच में बन गया लेकिन कोई जनप्रतिनिधि नही चंपाकल गड़वानें के लेकर आजतक ध्यान नही दिया, इस स्थान के पास रास्ता नही होने से बरसात के मौसम में आने जाने परेशानी होती है।
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