गढ़देवी मुहल्ला स्थित नरगीर आश्रम मे आयोजित रामकथा
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navneetkumar27828
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स्थानीय गढ़देवी मुहल्ला स्थित नरगीर आश्रम मे आयोजित रामकथा मे अयोध्या से आए सन्त श्री बालस्वामी अवधेंद्र प्रपन्नाचार्य जी कथा के दूसरे दिन रामकथा के चार घाट के वर्णन के साथ धर्म के तीनों मार्ग ज्ञान भक्ती एवं वैराग्य का विशद विवेचन किया। उन्होने भक्ति को सर्वश्रेष्ठ मार्ग बताया। भक्ति प्राप्त होने पर ज्ञान और वैराग्य स्वत: प्राप्त हो जाते हैं। उन्होने कहा की कथा अज्ञानी बनकर सुनना चाहिए । भगवान शंकर जो ज्ञान के स्वयं पुंज एवं त्रिकालदर्शी हैं माता सती के साथ कथा सुनने स्वयं अगस्त्य ऋषि के पास अज्ञानी बनकर गए । श्रद्धा विश्वास और अहंकार रहित होकर कथा सुनने से ही इसका फल प्राप्त होता है। कथा मे संशय करने का फल अनिष्टकारी होता है । माता सती का शिव से वियोग का कारण भी यही था। सत्य के समान कोई बड़ा धर्म नही और असत्य के समान कोई बड़ा पाप नहीं होता।कथा के प्रथम घाट पर स्वयं शंकर भगवान ने माता पार्वती को रामकथा सबसे पहले सुनाया। वहां पर उस कथा को एक कौवे ने सुना जो आगे जाकर काकभुशुण्डि बने। दूसरे घाट पर काक भुशुण्डि ने ये कथा गरुड़ जी को सुनाई थी। वाल्मीकि रामायण उसके बाद लिखी गयी। तीसरा घाट प्रयाग था जहां ऋषि याज्ञवल्क्य जी ने रामकथा भारद्वाज जी को सुनाया और चौथे घाट पर गोस्वामी जी रामकथा संतो को सुनाया। प्रपन्नचार्य जी ने कहा भगवान शिव आदि वैष्णव हैं वे राम नाम के जप मे हमेशा डूबे रहते हैं बिना इनकी भक्ति के रामभक्ति सपने मे भी प्राप्त करना सम्भव नहीं है। प्रयाग राज की महिमा बताते हुए प्रपन्नाचार्य जी ने कहा कि जहां गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों का संगम हो वह ब्रह्मलोक और विष्णुलोक के बराबर का स्थान हो जाता है। तीर्थराज प्रयाग में यज्ञ करना या यज्ञ आदि क्रियाओं में सम्मिलित होने से मनुष्य के सारे पाप, पुण्य में परिवर्तित हो जाते हैं,तीर्थराज प्रयाग की अद्भुत महिमा है। कथा के अन्त मे चन्दन जायसवाल ने उपस्थित सभी श्रद्धालु श्रोताओं का आभार व्यक्त किया और उनसे समय पर आकर कथा का अधिक से अधिक लाभ उठाने को कहा।आज कथा पंडाल मे काफी भीड़ थी जिसमें महिला श्रोताओं की संख्या अधिक थी। कथा आरती के बाद इमरती का प्रसाद वितरण हुआ। उपस्थित दिलीप कुमार पाठक,गौरी शंकर,मनीष कमलापुरी,नीतेश कुमार गुड्डू,संजय अग्रहरि,दिनानाथ बघेल, द्वारिकानाथ पाण्डेय,जयशंकर राम,बिकास ठाकर,शान्तनु केशरी, श्रीपति पाण्डेय,रंजित कुमार,कृष केशरी, अमित पाठक,राजा बघेल,पीयूष कुमार,गौतम शर्मा,शुभम कुमार,गोलु बघेल,सुदर्शन मेहता,दुर्गा रंजन,अनिकेत गुप्ता,रोहीत कुमार,ब्रजेश कुमार,पवन कुमार,गुडु हरी आदि।
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