*पलामू जिला ब्यूरो चीफ सह प्रभारी लवकुश कुमार सिंह की रिपोर्ट**
सुधीर कुमार चंद्रवंशी यह बात 100% सही है और सोचनीय है__आखिर क्यों हमारे क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहर _रांची,वेल्लोर, दिल्ली जैसे शहरों में जाना पड़ रहा है ?
आखिर क्यों दिवंगत ददई दुबे, दिवंगत रामदास सोरेन और माननीय शिबू सोरेन जैसे लोगों को भी अपने झारखंड छोड़ के दिल्ली इलाज के लिए जाना पड़ा ?
क्यों नहीं AIIMS और CMC वेल्लोर जैसा super speciality हॉस्पिटल झारखंड में बनाए ?
आखिर क्यों हमे सरकारी अस्पतालों से भरोसा उठ रहा है?
हम गरीबों को अगर कुछ होता है तो मजबूरन सरकारी अस्पतालों में झोंक देते हैं_जिंदा रखो या मार दो ।
कुछ मध्यम वर्गीय लोग निजी अस्पतालों में पैसा के बल पर बीमार को बचा तो लेते हैं पर कंगाल हो जाते हैं।
कुछ निजी अस्पतालों में मरीज का स्थिति खराब होने से सरकारी अस्पतालों में रेफर कर देता है__आखिर क्यों?
भरोसा करना होगा अपने सरकारी तंत्रों पर, व्यवस्था दुरुस्त करना होगा, सुविधा बढ़ाना होगा, अतिरिक्त कर्मियों की बहाली करनी पड़ेगी, हर शहर में जिला स्तर पर AIIMS जैसा हॉस्पिटल की अत्यंत आवश्यकता है।
यह सब हमारे टैक्स का पैसा से बनता है।
सोचिए 🙏🙏 सभी दल के लोगों से नम्र निवेदन करता हूं मेरे इस मुहिम में साथ दे और जो जहां है वहीं से आवाज बनिए और केंद्र सरकार से मांग कीजिए की झारखंड का जीएसटी का पैसा आप झारखंड को दीजिए ताकि गरीब वंचित असहाय सर्व समाज एवम सभी दल के लोगों का कल्याण हो सके,
केंद्र सरकार अगर सही से राज्य सरकार का GST दे दे तो हर साल AIIMS जैसा हॉस्पिटल 10 से 15 बन सकता है।
GST से हमारा झारखंड में प्रत्येक साल 20 से 25 हजार करोड़ रुपए का कमाई होता है, जिसमें 50 प्रतिशत राज्य सरकार को मिलना चाहिए, सोचिए__ 1 AIIMS जैसा अस्पताल बनाने में 600 से 800 करोड़ रुपया खर्च आता है वो भी आधुनिक उपचार हेतु आधुनिक उपकरण के साथ, साथ में कम से कम 2000 लोगों को रोजगार।
सुधीर कुमार चंद्रवंशी
विश्रामपुर विधानसभा पूर्व प्रत्याशी

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