आज माँ सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के सदस्यों के द्वारा एक विशेष बैठक आहूत की गई। बैठक में प्रमुख रूप से समिति से जुड़े सभी सदस्यों को आपात स्थिति में सुरक्षा और सहयोग प्रदान करने हेतु विस्तृत चर्चा की गई।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समिति के सभी सदस्य मिलकर एक सहायता समूह का गठन करेंगे। इसमें प्रत्येक सदस्य प्रतिमाह ₹100 की राशि जमा करेगा, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में समिति से जुड़े सदस्यों को सहायता दी जा सके।
सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय:
1. समिति से जुड़े किसी भी सदस्य के साथ यदि कोई आकस्मिक/आपात स्थिति आती है तो तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए एक सहायता कोष का निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
2. इस संस्था का नाम “माँ सतबहिनी आपदा कोष झरना परिवार” रखा जाएगा।
3. समिति के पूर्व संचालित खाते से अलग, सचिव एवं कोषाध्यक्ष के नाम से नया बैंक खाता खोला जाएगा, जिसमें सभी सदस्यों द्वारा जमा की गई राशि सुरक्षित रखी जाएगी।
4. इस कार्यक्रम की शुरुआत सितंबर 2025 से की जाएगी। सभी सदस्य प्रतिमाह 1 से 10 तारीख के बीच ₹100 सदस्यता शुल्क नगद अथवा खाते में जमा करेंगे।
कोई भी सदस्य चाहें तो एक बार में एक माह से अधिक का शुल्क अग्रिम भी जमा कर सकता है।
5. यदि कोई सदस्य लगातार 3 माह तक सदस्यता शुल्क जमा नहीं करता, तो उसे समिति से अलग माना जाएगा।
6. फरवरी 2026 में आयोजित होने वाले यज्ञ में झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री, धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष, समिति के सभी सदस्य तथा जिले के वरीय पदाधिकारियों को आमंत्रित कर उनका स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा।
7. महामंडलेश्वर जी महाराज के लिए अलग से एक कुटिया का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, उन्हें आम जनता के दर्शन हेतु प्रतिदिन सुबह एवं शाम 1-1 घंटे बैठने की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

