चंदेश कुमार पटेल की रिपोर्ट


गढ़वा। झारखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड अंतर्गत सुण्डी पंचायत के ग्राम पिपरा निवासी राहुल सिंह ने यह कर दिखाया है।
राष्ट्रीय राइफल शूटिंग की 68वीं प्रतियोगिता में राहुल सिंह ने 50 मीटर प्रोन स्पर्धा में 599.8 अंक प्राप्त कर न केवल निर्धारित 590 अंकों की योग्यता सीमा को पार किया, बल्कि देश के शीर्ष निशानेबाज़ों में अपना नाम दर्ज कराया।
देशभर से आए अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज़ों के बीच राहुल का यह प्रदर्शन यह सिद्ध करता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। उनकी सटीक निशानेबाज़ी, मानसिक संतुलन और अनुशासन आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका हैं।
राहुल ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने प्रशिक्षक आकाश कुमार, परिवार और सभी शुभचिंतकों को देते हुए कहा, “यह सफलता सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि उन सभी की है जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया। मेरा सपना है कि मैं अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का नाम रोशन करूँ।”
इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे खरौंधी प्रखंड, गढ़वा जिला और पूरे झारखंड राज्य में हर्ष और गर्व का माहौल है।
इस अवसर पर सुण्डी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजेश कुमार सिंह उर्फ राजा सिंह ने राहुल की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा,
“राहुल सिंह ने यह साबित कर दिया है कि गांव की मिट्टी में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का हुनर पैदा होता है। उसकी मेहनत, लगन और अनुशासन आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए मिसाल है। पंचायत की ओर से हम उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और हरसंभव सहयोग देने के लिए तत्पर रहेंगे। राहुल की यह सफलता गढ़वा जिला ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड राज्य के लिए गौरव की बात है।”
राहुल सिंह की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए संदेश है जो बड़े सपने देखते हैं—कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।