
मंझिआंव से संवाददाता अमित कुमार की रिपोर्ट
108 कुंडीय नव चेतना जागरण गायत्री महायज्ञ 2023 के लिए जिलास्तरीय बैठक की गयी
मझिआंव:मझिआंव के चन्द्री स्थित गायत्री शक्तिपीठ परिसर में मां गायत्री की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशन में आगामी 01 मार्च से 05 मार्च तक होने वाले 108कुंडीय नव चेतना जागरण गायत्री महायज्ञ को सफल बनाने हेतु बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता गायत्री परिवार के जिला संयोजक बिनोद पाठक द्वारा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की महा कमिटी बनाने का निर्णय लिया गया। बताया गया कि उक्त महा कमिटी में गढ़वा जिले के सभी प्रखंडों के गायत्री परिजनों एवं सनातन धर्मावलंबियों को भी शामिल किया जायेगा। इस अवसर पर जिला संयोजक श्री पाठक ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार द्वारा अपने देश भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में युग परिवर्तन एवं मनुष्य को देवता बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है। श्री पाठक ने कहा कि इसके लिए गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य एवं ऋषि सत्ता द्वारा परिवार में समय समय पर होने वाले संस्कार को अति आवश्यक बताया गया है। अगर बच्चो में जन्म के समय से ही अच्छे संस्कार दिए जायेंगे तो उनमें देवत्व का उदय होगा। इन्होंने कहा कि युग परिवर्तन के इस दौर में नारी जागरण की अहम भूमिका है। नारी जागरण से बच्चों को संस्कारवान बनाया जा सकता है. श्री पाठक ने कहा कि गुरुदेव ने यही तो संकल्प लिया है कि अगर बच्चों में अच्छे संस्कार दिए जाएं तो एक संस्कारवान परिवार का निर्माण होता है. इसी तरह अगर सभी परिवार संस्कारित हों तो पूरा संस्कारवान होगा और फिर पूरा विश्व एक ही परिवार होगा.और मानव में ही देवता दिखने लगेंगे और युग परिवर्तन हो जाएगा.
मौके पर मझिआंव, बरडीहा एवं बिसुनपुरा प्रखंड से उपस्थित लोग
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला सचिव डॉ अशोक रंजन दुबे,जिला ट्रस्टी शिव प्रसाद, एवं ज्ञान परीक्षा के प्रखंड संयोजक पूर्व प्रधानाध्यापक अच्युतानंद तिवारी,प्रखंड संयोजक नागेन्द्र सिंह, अनिल कुमार विश्वकर्मा, अखिलेश कुमार कुशवाहा, पंकज कुमार, अशोक मेहता, रामा शंकर सोनी, रामरेखा प्रजापति, रामनरेश प्रसाद, मारुतिनंदन सोनी,सीता सरन,देवमुनि विश्वकर्मा, बिरेन्द्र सोनी, रामविलाश प्रसाद,जयशंकर प्रजापति, बेचन राम,राहुल गुप्ता, सुनीता चौरसिया, सारो देवी, संतोषी देवी, धर्मशीला देवी उपस्थित थे।