उपायुक्त के निर्देश पर अपर समाहर्ता गढ़वा पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में डिस्टिक टास्क फोर्स (स्वास्थ्य) की बैठक आहूत हुई, जिसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान, मिशन इंद्रधनुष तथा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन एवं संचालन के विषय में चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया।
मौके पर सिविल सर्जन डॉ कमलेश कुमार ने बताया कि गढ़वा जिले में दिनांक 27 फरवरी से पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत बच्चों को खुराक पिलाई जाएगी। यह अभियान 3 दिनों तक चलाया जाएगा जिसमें पहले दिन रविवार दिनांक 27 फरवरी को टीकाकरण केंद्रों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। वहीं 28 फरवरी और 1 मार्च को बूथ पर नहीं आने वाले बच्चों को घर-घर जाकर खुराक पिलाई जाएगी। इस पर अपर समाहर्ता ने सभी उपस्थित चिकित्सा पदाधिकारियों एवं कर्मियों से प्रथम दिन अधिक से अधिक टीकाकरण तथा आगामी 2 दिन छुटे हुए बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा बैठक में मिशन इंद्रधनुष पर भी चर्चा की गई जहां सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में रूटीन इम्यूनाइजेशन (नियमित टीकाकरण) के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु गढ़वा जिले को मिशन इंद्रधनुष के लिए चयनित किया गया है। मिशन इंद्रधनुष का यह देश में चौथे चरण का अभियान है, जो आगामी 7 मार्च से शुरू किया जाएगा। इसके तहत नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों की सूची तैयार की जाती है और उसी के अनुरूप उन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए सातों कार्य दिवस में लगातार चार माह तक नर्सों के द्वारा टीकाकरण का कार्य किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए पहले से स्थान निर्धारित होता है तथा उसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाता है ताकि छूटे हुए बच्चों को इस अभियान के तहत रूटीन इम्यूनाइजेशन टीकाकरण से आच्छादित किया जा सके। अपर समाहर्ता ने मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण हेतु विस्तृत ड्यू लिस्ट तैयार करने तथा बेहतर रणनीति के साथ क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए टीकाकरण कराने का निर्देश दिया साथ ही अभियान के क्रम में कोरोना संक्रमण की वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही।
बैठक में दिनांक 10 मार्च से शुरू होने वाले कृमि मुक्ति दिवस अभियान के विषय में भी चर्चा की गई तथा इसके सफल संचालन को लेकर तैयार रूपरेखा के तहत कार्यों के निष्पादन पर विचार विमर्श किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के समस्त स्वास्थ्य, पोषण की स्थिति, शिक्षा तक पहुंच एवं जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी के लिए विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों के बीच कृमि नाशक दवा देना है।
बैठक में अपर समाहर्ता पंकज कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ कमलेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जेपी सिंह, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए एमओआईसी, स्टेट टीम ट्रेनर, स्वास्थ्य कर्मी समेत अन्य उपस्थित थे।