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पीएम किसान में बड़े पैमाने पर हुई फर्जीवाड़ा की जांच और दोषी पदाधिकारी/कर्मी पर करवाई हो :प्रमुख दीपा कुमारी - Garhwa Drishti

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जिला ब्यूरो (ग्रामीण) सुनील कुमार की रिपोर्ट

विशुनपुरा : ब्लॉक प्रमुख दीपा कुमारी ने बताया की प्रखंड की फर्जीवाड़ा की एक घटना ने पूरे प्रखंडवाशियो को हैरत में डाल दिया है. एक तरफ जहां प्रखंड के योग्य लोग पीएम किसान के आवेदन को लेकर दर दर भटक रहे है वही दूसरी तरफ अंचलाधिकारी और कर्मियों के मिलीभगत से हजारों पीएम किसान योजना की स्वीकृति विशुनपुरा अंचल से विशुनपुरा अंचल क्षेत्र के बाहर के लोगो की गई है.हद तो यह है की इसमें झारखंड के अन्य जिलों के लोगो के साथ साथ छत्तीसगढ़,दिल्ली,गुजरात उतर प्रदेश के लोग भी शामिल है जिनका पीएम किसान की स्वीकृति विशुनपुरा अंचल से हुई है.पूरी संभावना है की यहां से स्वीकृत पीएम किसान योजना की संख्या विशुनपुरा अंचल क्षेत्र में निवास करने वाले किसानों की संख्या से भी ज्यादा है.इतने बड़े पैमाने पर पीएम किसान योजना में फर्जीवाड़ा यहां के लोगो और जन प्रतिनिधियों को अंधेरे में रख कर की गई है

यहां के पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा विशुनपुरा अंचल क्षेत्र को लोगो से हमेशा यह कहा जाता रहा की पीएम किसान योजना का कार्य बंद है ऐसे में यह कार्य कैसे और कहां और कब हुआ यह बड़ा सवाल है. यहां पर हुए फर्जीवाड़ा का निष्पक्ष जांच हो और यहां
के लोगो के हित के साथ अन्याय करने वाले दोषी पदाधिकारी/कर्मी को बर्खास्त किए जाए और जिन भी बाहरी लोगो का पीएम किसान यहां से स्वीकृत हुआ है उनसे ब्याज सहित पैसे वापस लिए जाय.

क्या है पीएम किसान सम्मान योजना : यह योजना अपेक्षा कृत छोटे जोत वाले सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2019 में लाई ग्यी थी जिसका मुख्य उद्देश्य छोटे जोत और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था इस योजना के तहत उन्हे प्रति वर्ष 6000 रुपए की राशि तीन किस्तों में दी जाती है.

फर्जीवाड़ा से उत्पन्न समस्या :

अंचल क्षेत्र में किसानों की संख्या सीमित है ऐसे में यहां पर सीमित संख्या में ही पीएम किसान सम्मान योजना स्वीकृत होंगे अगर यहां से बाहर के लोगो का जैसे झारखंड के अन्य जिलों के साथ साथ दिल्ली,गुजरात ,उतर प्रदेश ,बंगाल का पीएम किसान की स्वीकृति हुई है तो फिर यहां के लोग इस योजना से वंचित हो जायेंगे जबकि यहां पर सभी छोटे जोत वाले किसान है जो आर्थिक रूप से न सिर्फ बदहाल है बल्कि मौसमी बेरोजगारी का शिकार भी है

प्रमुख दीपा की मांग :

फर्जीवाड़ा में संलिप्त कर्मियों, पदाधिकारियों पर हो कठोर करवाई
जिन विशुनपुरा अंचल क्षेत्र से बाहर के लोगो के नाम से यह योजना स्वीकृत हुई है उनसे ब्याज सहित पैसे वापस लिए जाएं.
विशुनपुरा अंचल के योग्य लोगो को पुनः इस योजना का लाभ देने हेतु शिविर लगा कर आवेदन लिए जाएं।

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navneetkumar27828

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