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शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अरशद अंसारी व विशिष्ट अतिथि डॉ मनोज कुमार ने किया। मौके पर मुख्य अतिथि डॉ अरशद अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान करना सबसे बड़ा मानवीय दायित्व है। रक्तदान से किसी की जान बचाई जा सकती है, इसलिए यह दान सबसे श्रेष्ठ दान माना जाता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से न केवल दूसरों को जीवनदान मिलता है बल्कि रक्तदाता स्वयं भी स्वस्थ रहते हैं। नियमित रक्तदान से शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे व्यक्ति ऊर्जावान महसूस करता है। डॉ अरशद अंसारी ने कहा कि रक्तदान करने से न केवल जरूरतमंद मरीजों की जान बचती है, बल्कि रक्तदाता स्वयं भी कई बीमारियों से सुरक्षित रहता है। नियमित रक्तदान से शरीर में आयरन की अधिकता नियंत्रित रहती है, जिससे हृदय रोग, लीवर की समस्या और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है। साथ ही रक्त बनने की प्रक्रिया सक्रिय रहती है, जिससे शरीर स्वस्थ और तंदरुस्त बना रहता है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि दुर्घटना, प्रसव या गंभीर बीमारियों के दौरान मरीजों को तुरंत रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में यदि रक्त उपलब्ध न हो तो मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समाज के हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस नेक कार्य में आगे आएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। रक्तदान शिविर में विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। शिविर के दौरान सबसे पहला रक्तदान मैक्स हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ महबूब आलम ने किया। मौके पर डॉ महबूब आलम ने कहा कि 18 से 60 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। रक्तदान के बाद थोड़ी देर आराम करना और पौष्टिक आहार लेना जरूरी होता है। मौके पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा रक्तदान करने वालों को टोपी और रिंग प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ अरशद अंसारी, डॉ मनोज कुमार, अशफाक अंसारी, डॉ महबूब आलम, डॉ इमराना खातून, स्वास्थ्य विभाग के प्रदीप कुमार पासवान, रूपदेव सिंह सहित कई उपस्थित थे।


