


रंजन कुमार पासवान कि रिपोर्ट
। डंडई प्रखंड के रारो गांव में मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत पर लोकपाल ने जांच की। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के ही आवेदक धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया था कि बिना काम किए ही योजनाओं की राशि की निकासी कर ली गई है। शिकायत के आलोक में मनरेगा लोकपाल सुशील तिवारी गांव पहुंचे और मौके पर संबंधित योजनाओं का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान उन्होंने उमेश यादव से संबंधित डोभा एवं कूप निर्माण कार्य का स्थलीय सत्यापन किया। उन्होंने योजनाओं की स्थिति का बारीकी से अवलोकन करते हुए आवश्यक तथ्यों को दर्ज किया। लोकपाल सुशील तिवारी ने बताया कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए योजनाओं की जांच की जा रही है। फिलहाल मामला प्रक्रियाधीन है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी लोकपाल ने यह भी कहा कि योजनाओं से संबंधित सभी बिंदुओं की गहनता से पड़ताल की जाएगी, ताकि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो। इधर, आवेदक धर्मेंद्र यादव का आरोप है कि ग्राम स्तर पर कार्य किए बिना ही योजना की राशि का भुगतान कर लिया गया, जिससे वास्तविक लाभुक वंचित हो रहे हैं।गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा योजना मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जाती है। ऐसे में यदि बिना काम किए ही राशि निकासी की बात सामने आती है, तो यह योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि जांच के बाद इस मामले में क्या निष्कर्ष सामने आता है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।