
झूठ, भ्रम व समाज को बांटने की राजनीति पर आधारित है भाजपा का इतिहास
गढ़वा। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का पूरा इतिहास ही झूठ, भ्रम और समाज को बांटने की राजनीति पर आधारित रहा है। जनता को गुमराह करना, आपसी वैमनस्य फैलाना और असली मुद्दों से ध्यान भटकाना इनकी फितरत है। समस्या का समाधान नहीं, बल्कि जनता को गुमराह करना भाजपाईयों का असली मकसद है। श्री ठाकुर ने भाषा विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उक्त बातें कही।
पूर्व मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि भाजपा जनता को किसी भी मुद्दे पर दिगभ्रमित करने, आपस में मतभेद कराने का कार्य करती है। भाजपा किसी भी समस्या का समाधान नहीं बल्कि बेवजह का मुद्दा बनाकर जनभावना के साथ खिलवाड़ करती है। श्री ठाकुर ने कहा कि जहां तक भाषा विवाद का सवाल है तो उन्होंने झारखंड सरकार के मंत्रीमंडल में रहते हुए अपने मंत्रीत्व काल में 06 अगस्त 2021 को पत्र के माध्यम से एवं स्वंय मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रों, युवाओं के हित में पलामू प्रमंडल के तीनों जिलों के अलावे चतरा जिले के अभ्यर्थियों को भी समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में भोजपुरी, हिन्दी तथा मगही भाषा को शामिल करने का अनुरोध किया था। साथ ही वर्तमान में केन्द्रीय महासचिव झामुमो के नाते 12 जून 2025 को भी उक्त मामले में पुनः मुख्यमंत्री से अनुरोध किया हूं। उन्होंने कहा कि भाजपाईयों को यह बताना चाहिए कि इस मुद्दे पर वे कब और क्या प्रयास किए हैं। उन्होंने कब मुख्यमंत्री, संबंधित विभाग के अधिकारी को इस संबंध में पत्राचार किया या उनसे मुलाकात कर मामले से अवगत कराया। इस मामले में भाजपा के कोई भी विधायक या सांसद ने कभी भी अपने माध्यम से कोई ठोस पहल नहीं किया है। ये सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता के बीच झूठी बाहवाही लूटने का प्रयास करते हैं। श्री ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा प्रेस वार्ता में यह कहना कि महागठबंधन के जनप्रतिनिधियों द्वारा भाषा विवाद पर चुप्पी साध ली गई है, यह बिल्कुल ही भ्रामक और बेवुनियाद बयान है।
श्री ठाकुर ने कहा कि स्थानीय विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी को पलामू प्रमंडल के युवाओं, छात्रों के प्रति यदि संवेदना थी तो उन्होंने चालू विधानसभा सत्र के दौरान इस सवाल को क्यों नहीं उठाया। विधायक द्वारा समाधान का कोई कार्य कार्य नहीं किया जा रहा है। बल्कि इसे इसे विवादास्पद मुद्दा बनाकर पलामू प्रमंडल के छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। विधायक श्री तिवारी सिर्फ अनर्गल बयानबाजी करते हैं। पूर्व में श्री तिवारी विधानसभा प्रयोजन समिति के सभापति रहे हैं। लेकिन उनके द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र का विकास कार्य न कर सिर्फ संवेदकों, अभियंताओं का भयादोहन कर पैसा उगाही का कार्य किया गया है। विधायक को यदि थोड़ी भी शर्म है, यदि वे जनता का कार्य करना चाहते है तो वे समस्याओं के निदान के लिए ईमानदारी से प्रयास करें और जनता को बेवकूफ बनाना बंद करें। पूर्व मंत्री ने कहा कि पलामू प्रमंडल का दुर्भाग्य है कि सांसद बीडी राम अपने संसदीय क्षेत्र के प्रति उदासीन रहते हैं। जनता इन्हें ढंग से पहचानती भी नहीं है कि यही हमारे सांसद हैं। श्री ठाकुर ने कहा कि भवनाथपुर के पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही अपने कार्यकाल में क्या किए हैं, सबको पता है। ज्यादा बताने की जरूरत नहीं है। भानु सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। क्षेत्र और जनता की समस्या से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। अब वे भी सोशल मीडिया पर मसखरी करना भी शुरू कर दिए है। श्री तिवारी एवं श्री शाही सिर्फ ओछी राजनीति करते हैं।
श्री ठाकुर ने कहा कि गढ़़वा जिला के स्थापना दिवस के दिन एक अप्रैल 2026 को भाजपा द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, परन्तु यह दुर्भाग्य है उन लोगों को प्रेस वार्ता में स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देने की भी सुध नहीं रही। इससे इनकी मानसिकता झलकती है कि गढ़वा जिला से इन्हें कितना प्रेम है। श्री ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री झारखंड के बेहतरी के साथ-साथ पलामू प्रमंडल के छात्र-युवाओं के हित में जो भी बेहतर होगा, वह कार्य बिल्कुल करेंगे। पलामू प्रमंडल की जनता, युवा एवं छात्र नौजवानों के साथ कभी भी अन्याय नही होगा। जहां तक पलामू प्रमंडल में महागठबंधन के नेताओं को घुसने नहीं देने का सवाल है तो यह फैसला जनता करेगी।