पुतला दहन, जुलूस और प्रदर्शन से क्षेत्र में तनाव; प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
विशुनपुरा (गढ़वा): प्रखंड मुख्यालय स्थित पुराने पंचायत भवन के पास सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विवाद अब गंभीर टकराव का रूप ले चुका है। सोमवार को प्रखंड प्रमुख और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हालात खुली भिड़ंत जैसे बन गए। दोनों पक्षों द्वारा अलग-अलग जुलूस, प्रदर्शन और पुतला दहन किए जाने से पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है।
प्रखंड प्रमुख दीपा कुमारी के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर तिरंगा यात्रा, कैंडल मार्च और जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान समर्थकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अंचल अधिकारी का पुतला दहन किया। प्रमुख ने दावा किया कि लगभग 1 एकड़ 48 डिसमिल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसे हटाने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा 10 अप्रैल तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
दूसरी ओर, प्रमुख के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश भी खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष सड़कों पर उतर आए और प्रमुख के विरोध में शव यात्रा निकाली। यह यात्रा लाल चौक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः लाल चौक पर समाप्त हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रमुख दीपा कुमारी और उनके प्रतिनिधि चंदन मेहता का पुतला दहन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रमुख एकतरफा और जबरन कार्रवाई कर रही हैं, जिससे क्षेत्र में अनावश्यक तनाव पैदा हो रहा है। आंदोलन में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध जारी रहेगा।
इस बीच, समाजसेवियों ने भी प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि अतिक्रमण हटाने में देरी और पारदर्शिता की कमी से स्थिति और बिगड़ रही है।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी चिंता
एक ओर जनप्रतिनिधि कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का विरोध तेज होता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की चुप्पी पूरे मामले को और जटिल बना रही है।
कानून-व्यवस्था पर खतरा
दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से विशुनपुरा की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो यह विवाद कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।