सात फेरे लेने के बाद दुल्हन काजल परीक्षा हॉल पहुंची
एक दुल्हन ने शिक्षा के प्रति जागरुकता की मिशाल पेश की है, जहां 22 जून दिन बुधवार को शादी के मंडप से एक दुल्हन विदा होने के बाद ससुराल जाने की जगह सीधे अपने कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंच गयी। सजी-धजी कार से दुल्हन को लेकर दूल्हा परीक्षा दिलाने आया था। यह देख हर कोई दंग रह गया। परीक्षा देती दुल्हन अन्य लड़कियो के लिए एक सिख है। आज के इस जीवन में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। शिक्षा से मनुष्य स्वालंबी बनता है। ज्ञान से अपने जीवन को सार्थक बनाता है। झारखंड के पलामू जिले में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला। सात फेरे लेने के बाद पति ने निभाई अपनी कर्तव्य । दूल्हा परिक्षा दिलाकर दुल्हन के घर आता है विदाई का कार्यकम सम्पन्न होता है फिर अपने घर के लिए रवाना होता है।
दरअसल, हैदरनगर प्रखंड के कबरा खुर्द गांव की दुल्हन काजल स्नातक के पांचवे सेमेस्टर में है, जिसकी परीक्षा बुधवार को जपला ऐके सिंह डिग्री कॉलेज में थी। मंगलवार की रात गढ़वा जिले के मझियाव थाना दवनकारा से बरात आई थी। सुबह विदाई के पहले दुल्हन ने परीक्षा देने की इच्छा जाहिर की, जिसे सुनते ही पति राजेश पासवान ने उसकी इच्छा पूरा की और नई-नवेली दुल्हन को अपने साथ लेकर कार से जपला स्थित परीक्षा केंद्र पहुंचाया। परीक्षा देने के दौरान केंद्र के बाहर दूल्हा इंतजार करता रहा। परीक्षा देने के बाद दूल्हा अपनी दुल्हन को साथ लेकर फिर कबरा खुर्द गया, जहां विदाई के नियम व रीति-रिवाज संपन्न किए जाने के बाद दूल्हा-दुल्हन को ससुराल के लिए रवाना किया गया।
दूल्हा राजेश पासवान ने बताया कि पति-पत्नी को एक-दूसरे को समझना और महत्व देना चाहिए। इस बात की शुरुआत हमने सात फेरे लेने के तुरंत बाद ही कर दी। पत्नी को परीक्षा देने के लिए केंद्र में बैठाकर करीब तीन घंटे तक खुद कार में बैठकर पति उसका इंतजार करता रहा। ऐसा करके उन्हें काफी अच्छा लगा। साथ ही इस बात पर मन में काफी हर्ष है कि वैवाहिक जीवन की शुरुआत में ही अपनी पत्नी के फैसले में साथ खड़ा हो सका.
पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड में
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