बंशीधर नगर (गढ़वा):- अनुमंडल पदाधिकारी आलोक कुमार ने धुरकी में बन रहे प्रखंड व अंचल के पदाधिकारियों व कर्मियों के आवासीय भवन का निरीक्षण प्रतिवेदन उपायुक्त गढ़वा को भेजा है। जांच प्रतिवेदन में एसडीओ ने लिखा है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी व थाना प्रभारी धुरकी के साथ प्रखंड परिसर धुरकी में प्रखंड व अंचल कर्मियों पदाधिकारियों के लिए निर्माणाधीन आवासीय भवन की जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि प्रखंड व अंचल धुरकी के कर्मियों पदाधिकारियों के लिए उपरोक्त आवासीय भवन के निर्माण की कार्यकारी एजेंसी विशेष कार्य प्रमंडल गढ़वा है। जांच के दौरान संवेदक श्री राजीव रंजन तिवारी के मुंशी धर्मेंद्र कुमार स्थल पर उपस्थित थे। निर्माण कार्य में प्रयोग किया जा रहा ईट निम्न श्रेणी एवं आधा पका हुआ पाया गया जो भवन निर्माण के लिए बिल्कुल ही अनुपयुक्त है। स्थल पर उपस्थित धुरकी प्रखंड के सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के द्वारा भी बताया गया कि उक्त ईट प्रयोग निर्माण कार्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए। निर्माण में प्रयोग किए जा रहे सीमेंट के बारे में पूछताछ करने पर उपस्थित मुंशी के द्वारा स्टोर रूम में रखे गए लगभग 200 बोरी डालमिया इंफ्रा कंपनी के सीमेंट को दिखाया गया। स्टोर रूम में रखे गए सीमेंट की बोरी का निर्माण की अवधि दिनांक 13: 3: 22 अंकित पाया गया जो जांच की तिथि को एक्सपायर हो चुका था। सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के द्वारा बताया गया कि उक्त सीमेंट नमी युक्त है। जिसके प्रयोग से निर्माण कार्य की मजबूती प्रभावित होगी। निर्माण कार्य में प्रयोग किया जा रहा बालू मिट्टी युक्त पाया गया। सहायक व अभियंता कनीय अभियंता के द्वारा बताया गया कि बालू में मिट्टी की मात्रा अधिक है जिससे निर्माण कार्य की मजबूती प्रभावित होगी। निर्माण कार्य में प्रयोग किए जा रहे पत्थर की गुणवत्ता काफी निम्न स्तर का पाया गया। सहायक व अभियंता एवं कनीय अभियंता के द्वारा बताया गया कि पत्थर के निर्माण कार्य किए जाने पर भवन की मजबूती प्रभावित होगी। आवासीय परिसर के निर्माण कार्य में संवेदक के द्वारा काफी निम्न श्रेणी एवं आधा पका हुआ ईंट, मिट्टी युक्त बालू, एक्सपायरी सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है। जिससे भवन की मजबूती प्रभावित होगी तथा भविष्य में बड़ी दुर्घटना घटित होने से जान माल का नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। प्रखंड परिसर धुरकी में निर्माणाधीन प्रखंड व अंचल पदाधिकारियों के आवासीय भवन के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए संवेदक द्वारा किए गए निर्माण कार्य की प्रशासनिक एवं पदाधिकारियों की जांच दल से उच्च स्तरीय जांच कराया जाना अपेक्षित है। आवासीय भवन निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई किया जाना चाहिए। संबंधित संवेदक के योजना में सभी प्रकार के भुगतान पर रोक लगाते हुए निर्माण कार्य में घटिया ईंट, सिमेंट, बालू का प्रयोग करने के आरोप में इन्हें काली सूची में डालने की कार्रवाई किया जाना चाहिए। जांच प्रतिवेदन के साथ सहायक व कनीय अभियंता का भी जांच प्रतिवेदन उपायुक्त को भेजा गया है।