“आकाश मतलब उम्मीद,विश्वास,भरोसा।केवल एक फ़ोन कॉल पर मदद पहुँचाई जाती है।
“कहते हैं न कि आपका जन्म हुआ है तो सार्थक करना आवश्यक है,गुमनामी में जिंदगी को छोड़कर चले जाने का क्या फायदा?
आइये हम जानते हैं आकाश पाण्डेय उर्फ़ धनंजय पंडित जी के बारे में,धनंजय में लोग उम्मीद देखते हैं,विश्वास देखते हैं,भरोसा देखते हैं…इनकी पकड़ भारत के हर राज्यो में कायम है,ये टीम प्रचंड के संस्थापक हैं।और टीम प्रचंड के सदस्य भारत के हर कोने में विद्यमान हैं,इनकी टीम अपने काम की वजह से जानी जाती है,इनकी टीम में हर वर्ग के लोग हैं,ये समाज और सनातन के लिए संकल्पित रहते हैं,सोशल मीडिया या जमीनी स्तर पर इनकी पकड़ काफ़ी मजबूत है।
“एक किस्सा का जिक्र आकाश पाण्डेय बताते हैं,एक लड़का जिसका बाइक दुर्घटना में एक पैर पूरी तरह डैमेज हो चूका था,कुछ काम निपटाकर मैं सोया था,तभी फोन को घंटी बजी,उठाया तो बोला भैया मदद चाहिए,पिताजी उसके किसान थे,मैंने टीम के कुछ सदस्यों से बात किया और एक कैम्पेन के जरिये उसकी मदद की,अब वो अपने पैरो पर चलने लगा है।
उस कोरोना काल की पहली लहर में हजारों लोगों कि जान बचाई,दूसरी लहर में हजारों लाखो लोग जान गवाँ रहे थे,वही धनंजय जी और उनकी टीम प्रचंड भगवान यमराज से उनके प्राण वापस दिलवाने का काम कर रहे थे,न किसी के आँखो में नींद थी न चैन…भारत के हर राज्यों में कार्यरत टीम प्रचंड के सदस्य इनके एक आदेश पर ऑक्सीजन सिलंडर लेकर खाद्य पढ़ार्थ उपलब्ध करवाई। फेसबुक,व्हाट्स ऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रयोग सही मायने में कैसे की जाती है इनसे सीखने की जरूरत है,इसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हजारों लोगों को मदद पहुँचाई।
“समाज में फ़ैले अराजक तत्वों को भी सलाखों के पीछे पहुँचाने का काम अपने ट्वीटर के जरिये करते हैं,टीम में महिला सदस्य भी हैं जो कंधे से कंधा मिलाकर चलती है,आकाश पाण्डेय अपने ट्वीटर हैंडल,व टीम के जरिये समजद्रोहियो को सलाखों के पीछे पहुचाने का काम भी बखूबी करते हैं ताकि सामाजिक सौहाद्र बना रहे। आये दिन अपनी कार्यपद्धति के कारण अखबारो की सुर्ख़ियो में बनी रहती है ‘टीम प्रचंड।
आकाश पाण्डेय कहते हैं कि आलोचना इन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।जिससे हम दुगुने उत्साह से कार्य करते हैं।
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