रंजन कुमार पासवान कि रिपोर्ट
उपायुक्त महोदय,गढ़वा को संतोष कुमार सिंह के द्वारा लिखे गए पत्र में ग्राम पंचायत तसरार पर 15वें वित्त और मनरेगा के तहत फर्जी निकासी के आरोप लगाए गए हैं।आरोपों के अनुसार,बिना कार्य किए ही सरकारी राशि की निकासी की गई है,जिसमें प्रखंड समन्वयक अमित द्विवेदी की मिलीभगत बताई जा रही है।आरोपित योजनाएं: ग्राम तसरार में सार्वजनिक शौचालय निर्माण 90,000 रुपये की निकासी, जबकि कार्य शून्य है।जमुआ बांध में आउटलेट निर्माण 50,000 रुपये की निकासी, जबकि कार्य शून्य है। पंचायत भवन में शौचालय मरम्मति 45,000 रुपये की निकासी,जबकि कार्य शून्य है।ग्राम महुडंड में नाली निर्माण 60,000 रुपये की निकासी,जबकि कार्य शून्य है।
ग्राम महुडंड में जगबलि राम के घर से मंदिस राम के घर होते हुए तसरार सिवान तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण में भी कोई कार्य नहीं किया गया है।जबकि 30,738/ रुपये की निकासी कर लिया गया
इसके अलावा, मनरेगा के तहत भी फर्जी निकासी के आरोप लगाए गए हैं,जिसमें डोभा निर्माण और मिट्टी मोरम पथ निर्माण के लिए बिना कार्य किए ही सरकारी राशि की निकासी की गई है।पत्र में उपायुक्त महोदय से जिला स्तर से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है। मनरेगा के बारे में जानकारी के अनुसार, यह योजना ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन करना और अकुशल श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार प्रदान करना है।इस योजना के तहत केंद्र सरकार मजदूरी का 100% वित्त पोषण करती है और सामग्री का 75% वित्त पोषण करती है ।अब देखना यह है कि उपायुक्त महोदय इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और जांच के बाद क्या परिणाम निकलकर सामने आते हैं।

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