केतार प्रखण्ड: परती कुशवानी पंचायत में महिला की पिटाई कर ससुराल भेजने का वायरल वीडियो मामले पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रहा है।इस मामले में महिला के पिता कृपा सिंह चेरो पर अनावश्यक दबाव बनाकर अथवा बर्गलाकर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात पंचायत के लोगो द्वारा कही जा रही है। हालांकि मामले के सम्बंध में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलीस निरीक्ष चंदन कुमार सिंह व थाना प्रभारी संतोष कुमार ने गरुवार को देर शाम पंचायत स्थित महिला शांति देवी के मायका पनियाखोह पहुँच कर मामले का सुपरविजन किया इस दौरान आस पास के स्थानीय ग्रामीणों व अन्य परिजनों से अवश्य पूछताछ व उनके वयान कम्बद्ध कर मामले की गहन व सूक्ष्म पड़ताल की। इस दौरान पूछ ताछ के क्रम में लोगो ने पंचायत की मुखिया मुनि देवी को निर्दोष बताया। लोगो ने कहा कि महिला के पिता को बर्गलाकर अथवा अनावश्यक दवाव डालकर पंचायत की मुखिया को फसाने की नीयत से मुकदमा दर्ज करवाया गया हैं जो सरासर गलत है।पुलिस पदाधिकारीओ के पूछताछ के अंतिम दौर में सभी ग्रामीणों ने मुखिया के पक्ष में गोलबंद होते हुए एक सुर में कहा कि पंचायत में ऐसी गंदी राजनीति हम लोग नही होने देंगे और पुलिस प्रशासन हम सभी की बातो को अनसुना न करे क्योकि हमलोग इस मामले की प्रत्यक्षदर्शी है और चीजों को सामने से देखा है ऐसे में अगर हमलोगों के बातो/मांगों को अनसुना किया जाता है तो हम लोग लोकतांत्रिक तरीक़े से आंदोलन करने के बाध्य होंगे। मुखिया पर एक भी फर्जी मुकदमा नही होने देंगे साथ ही ग्रामीणों ने यह भी कहा कि आदिवासी महिला मुखिया को लोग अबला समझ कर जानबूझ परेशान कर रहे है वैसे लोगो जिन्होंने मुखिया को परेशान करने की नीयत से महिला के पिता जी जो कि बिहार के भोजपुर धान काटने गए थे को बर्गलाकर अथवा अनावश्यक दबाव डालकर केतार थाना लाया गया और एक साजिश के तहत मुखिया के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाई गई उन लोगो को प्रशाशन को चिन्हित करना चाहिए और उन्हें विरुद्ध करवाई करनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब विजयदशमी से पूर्व पनियाखोह गांव में पंचायत सभा का आयोजन हुआ था जिसमें लड़की के ससुराल पक्ष उत्तर प्रदेश से मझिगवां पंचायत मुखिया इस्तेहाक अंसारी पति सनोज कुमार सहित अन्य लोगों के अलावा परती कुशवानी पंचायत मुखिया मुन्नी देवी वार्ड सदस्य गुलजारी देवी,रंजय यादव के अलावा पंचायत के वरिष्ठ समाजसेवी व जनप्रतिनिधि के साथ-साथ सैकड़ों लोग उपस्थित थे इस पंचायत में महिला शांति देवी को मायका भेजने पर बातचीत चल रही थी जिसमें मायका नही जाने के एवज में पती सनोज कुमार सहित अन्य ससुराल पक्षो द्वारा शादी का खर्च 1.50 लाख वापस मांगा जा रहा था चुकी लड़की के पिता कृपा चेरो मजदूर व्यक्ति हैं इसलिए वह इतना रकम देने में असक्षम थे जिस पर समन्वय बनाकर सभी लोग आपस में मुखिया मुन्नी देवी सहित अन्य लोग विचार विमर्श कर रहे थे तभी लड़की मां बाप को गाली गलौज कर पहाड़ी की ओर भागने लगती है जिस पर सभी लोग दौड़ पकड़ते है उसी दौरान मुखिया मुन्नी देवी ने महिला के रिश्तेदार होने के नाते डरवाने की नीयत से डांट फटकार और डंडे का प्रयोग की थी इस प्रकरण को परती कुशवानी गांव निवासी राजू बैठा ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था।
इतना दिन बाद वीडियो वायरल क्यो किया गया
मुखिया मुन्नी देवी को पंचायत कार्यकारिणी बैठक में उप मुखिया के चचेरे देवर अक्षय कुमार के द्वारा जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए अभद्र व्यवहार किया गया था जिसको लेकर मुखिया के द्वारा केतार थाना में एसी एसटी एक्ट के तहत अक्षय कुमार पर एफ आई आर दर्ज करवाया गया था इस मामले के बाद से ही मुखिया पर दबाव बनाने की नियत से यह वीडियो विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप व सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी साथ ही विभिन्न अखबारों में प्रमुखता से यह खबर भी छपी थी जिसमे 22 नवंबर को लड़की के पिता के द्वारा केतार थाने में आवेदन दिया गया था जिसका अनुसंधान पुलिस के द्वारा किया गया।
इस संबंध में पुलिस इंस्पेक्टर चंदन कुमार ने कहा कि मामले का अनुसंधान जारी है चुकी लड़की के पिता आवेदन देने के बाद भोजपुर चले गए हैं उनका बयान लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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