
एक विद्यालय ऐसा जहां नन्हे मुन्ने बच्चे तपती धूप में कुआं के पास पीने जाते हैं पानी, यह कही और का विद्यालय नहीं है यह गढ़वा जिला के केतार प्रखंड के मुकुंदपुर पंचायत के नव प्राथमिक विद्यालय बक्सीपुर का है। जहां इस चिलचिलाती धूप में 200 मीटर दूर कुआ से पानी निकाल कर बच्चे अपनी प्यास को बुझाते हैं। आपको बता दें विद्यालय में चापाकल खराब हो जाने से विद्यार्थियों को पानी पीने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है साथ ही साथ विद्यालय के मध्यान भोजन बनाने के लिए भी वही कुआं का पानी इस्तेमाल किया जाता है। और उससे मध्यान भोजन बनाया जाता है। नन्हे मुंन्हे बच्चे तपती धूप में कुआँ के समीप जाते है और कोई अभिभावक इन्हें कुआँ से पानी निकालकर पानी पीलाते है।

वहीं विद्यालय प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि पिछले माह में ही चापानल का जल स्तर नीचे चले जाने एवं खराब होने की लिखित आवेदन एवं शिकायत पदाधिकारीयों के साथ पंचायत के मुखिया मुंगा साह को भी दिया था ।परंतु एक माह बाद भी इस पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। जिसके कारण प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले 58 छात्र- छात्राओं के साथ-साथ हम सभी लोगों को भी पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। विद्यालय के छात्र सत्यम कुमार,राहुल कुमार,पीयूष कुमार,खुशी कुमारी,किरण कुमारी ने बताया कि विद्यालय में चापाकल खराब होने से पानी की गम्भीर समस्या बनी हुई है हमलोग तेज धूप में पैदल चलकर कुँआ से पानी पीने जाते है । इस गम्भीर समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि पर अभिभवकों में रोष व्यक्त देखा जा रहा है।
