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उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हुरही के पूर्व अध्यक्ष सरिता देवी ने प्रधानाध्यापक पर लगाया मनमानी का आरोप। - Garhwa Drishti

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बिशनपुर से संवाददाता सुनील कुमार रवि की रिपोर्ट


विशुनपुरा प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हुरही के पूर्व अध्यक्ष सरिता देवी पति जितेंद्र गुप्ता ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रधानाध्यापक संजय गुप्ता पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरिता देवी ने आवेदन में दर्शाया है कि अगस्त 2021 में अध्यक्ष पद पर चयन हुआ था. जिसके बाद प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय में मनमानी किये जाने पर बीआरसी को सूचित किये थे. लेकिन कोई कारवायी नही किया गया.

उन्होंने बताया कि 04/07/ 2022 को 5वीं पास छात्र-छात्राओं से विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र निर्गत करने के नाम पर हमसे 5000 रु की की मांग प्रधानाध्यापक द्वारा किया गया था. नही देने पर अध्यक्ष पद से हटा देने की बात कही जारही थी.

वही आरोप लगाया हैं कि सचिव संजय गुप्ता द्वारा जनवरी में एमडीएम बंद कर दिया गया. कारण पूछे जाने पर 26 जनवरी पर झंडा तोलन में पैसा खर्च कर देने का कारण बताया.
पूर्व अध्यक्ष सरिता देवी ने प्रधानाध्यापक पर 6000 रुपए 2018/19/20 को एमडीएम ऑडिट कराने के नाम पर मांग किये थे. पैसा नही देने पर जबकि सचिव आपसी विवाद फैलाने लगे.


प्रधानाध्यापक द्वारा कहा गया कि 10000 रुपए हमको दीजिए बीईओ साहब बोले हैं कि विद्यालय में पैसा रहेगा, उस पैसे का आज तक हिसाब नहीं दिया गया और बोला गया कि समिति के बैठक में देंगे. पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि बिना जानकारी के समिति को भंग किया गया और मनमानी तरीके से चुनाव संपन्न कराई गई। इसके बारे में पूर्व अध्यक्ष को किसी भी प्रकार का समिति भंग करने से पहले ना कोई स्पष्टीकरण मांगा गया ना ही सूचना दिया गया और समिति को भंग कर पुण: चुनाव किया गया, जबकि मेरा कार्यकाल 1 साल बचा हुआ है। प्रधानाध्यापक द्वारा हर समय प्रेशर दिया जा रहा था कि आप हर महीने ₹ 2000 ले लीजिए और आप चुप रहिए और विद्यालय में कभी-कभी आईये, लेकिन रजिस्टर मत देखिए आपका शिकायत कभी भी होने नहीं देंगे। लगभग प्रबंधन समिति का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है इसे बिना कारण 2 वर्ष में ही प्रधानाध्यापक संजय गुप्ता द्वारा वीईओ को आवेदन देकर समिति को भंग कर दिया गया। समिति भंग की जानकारी 8/8 /2023 को सुबह दिया गया और बोला गया कि विद्यालय में आ जाईएगा समिति का चुनाव है। चुनाव के समय विरोध करने पर संजय गुप्ता द्वारा बोला गया कि आप अगर अध्यक्ष बन भी जाओगी तो हम पुनः भंग कर देंगे।
आपको बताते चले की इससे पूर्व भी बीईओ को 16/7/ 2022 को आवेदन दिया गया था लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई अंततः थक हारकर मैंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर मनमानी तरीके से हुए चुनाव को रद्द करने की मांग की है तथा प्रधानाध्यापक के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई हो।
*समिति विघटन का क्या है नियमावली जाने*
कम से कम 50% नामांकित बच्चों के अभिभावक के शिकायत पर आमसभा द्वारा समिति को समय से पूर्व भंग कर नई समिति का गठन किया जा सकता है,लेकिन ऐसा नहीं हुआ?

वित्तीय अनियमित सिद्ध होने पर समिति को भंग किया जा सकता है।

लगातार चार बैठक नहीं होने पर समिति भंग की जा सकती है। लेकिन इन सभी तथ्यों को पूरा नहीं किया गया और समिति को भंग कर दिया गया क्या यह सही है?
जबकि विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन की प्रक्रिया में यह निहित है कि चुनाव से एक माह पूर्व इसकी जानकारी दी जाती है जबकि बिना समिति को सूचना दिए मनमानी तरीके से एक दिन में ही समिति का चुनाव संपन्न कराई गई।

इस संबंध में पूछे जाने पर बीईईओ विजय पांडेय ने कहा कि बिशुनपुरा ब्लॉक प्रमुख दीपा कुमारी से इस संबंध में बात हुई है, की जो पहले से प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सरिता देवी है वही अध्यक्ष बनी रहेंगी। अभी इनका कार्यकाल बचा हुआ है। रही बात अनियमित की तो जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में पूछे जाने पर प्रधानाध्यापक संजय गुप्ता ने बताया कि हम पर लगाया आरोप बेबुनियाद है, जबकि नये प्रबंधन समिति अध्यक्ष का चुनाव हो चुका है और वह विद्यालय नियमित आ रहे हैं। जबकि पहले के अध्यक्ष विशुनपुरा में दुकान खोलकर चला रहे हैं इसलिए समिति भंग कर उन्हें हटाया गया। वे विद्यालय में समय नहीं दे पा रहे थे।

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