अनुमंडल ब्यूरो राहुल वर्मा की रिपोर्ट रमना -योजना एक सड़क एक प्राक्कलित राशी भी एक लेकिन एक बार शिलान्याश और एक बार भूमि पूजन यह घटना रमना के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।दरअसल 2005 में बनी रमना -धुरकी भाया बुलका सड़क एक बार पुन: सुर्खियों में।हलांकि यह सड़क तो 18 साल से अपने दुर्दशा के कारण हमेशा सुर्खियों में रहा है।लेकिन इस बार यह सड़क अपने मरम्मति को लेकर सुर्खियों में है।बाबुडीह (सिलीदाग मोड़) से बुलका (विशुनिया सिवाना) तक पीएमजीएसवाई के तहत लगभग ग्यारह किलोमिटर सड़का का मरम्मति करीब दस करोड़ रुपए की लागत से किया जाना है।जिसका आँनलाईन शिलान्यास मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और बादल पत्रलेख के उपस्थिति में 3 मई को श्री बंशीधर महोत्सव के दौरान किया था।इधर सांसद विष्णुदयाल राम और विधायक भानुप्रताप शाही ने गुरुवार को बड़े ही तामझाम से बुलका में भूमि पूजन करते हुए सीएम हेमंत सोरेन के साथ पूर्व विधायक अनंत प्रताप देव और झामुमों नेता ताहीर अंसारी पर जम कर हमला बोला था।विष्णुदयाल राम और भानुप्रताप शाही पर पलटवार करते हुए अनंत प्रताप देव और ताहीर अंसारी ने कहा कि रमना -बुलका सड़क मरम्मती की स्वीकृति हमलोगो के मांग पर मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकूर ने सीएम हेमंत सोरेन से मिलकर दिलाई है।भानूप्रताप शाही लगातार दस साल से विधायक है।पुर्व सीएम रघुबर दास के चहेते और करीबी भी माने जाते है ।उस वक्त रमना बुलका सड़क के जर्रजर हालत नही दिखे।राहगीरों का कष्ट नही दिखा।जब सीएम हेमंत सोरेन ने पथ मरम्मति की स्वीकृति दे दी।निविदा संपन्न हो गया तो भानुप्रताप शाही श्रेय लेने के लिए ग्रामीणों को गुमराह करने पहुंच गए।नेता द्वय ने कहा कि आरईओ विभाग के अधिकारी और संवेदक विधायक के प्रभाव में आकर हेमंत सोरेन के द्वारा तीन मई को बाबा बंशीधर के भूमि से किया गया आँनलाईन शिलान्यास पट को छुपा दिया था।झामुमों कार्यकर्ताओं के दबाव में शुक्रवार को संवेदक के द्वारा सिलीदाग मोड के समीप शिलापट लगाया गया।दोनों नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा जनहित मे किए गए काम को ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता और संवेदक के छुपाए जाने की शिकायत मंत्री और मुख्यमंत्री से किया जाएगा।उन्होंने कहा भवनाथपुर में और भी कई योजना है जो हेमंत सोरेन के द्वारा स्वीकृति दी गई।आँन लाईन शिलान्यास भी हो चुका है। उस पर काम भी जारी है लेकिन भानुप्राताप शाही श्रेय लेने के लिए भूमि पूजन करते चल रहें है।