
खरौंधी प्रखंड से चंदेश कुमार पटेल की रिपोर्ट
खरौंधी (गढ़वा) : खरौंधी में 5 मार्च से 9 मार्च तक शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यज्ञ प्रारंभ होने से पूर्व स्थानीय देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना तथा यज्ञ परिसर में ध्वज स्थापना की गई, जिसके साथ ही प्रवचन कथा का शुभारंभ हो गया।
महायज्ञ के दूसरे दिन बुधवार को बिहार से आए प्रवचनकर्ता पंडित विनय कांत ने रामायण के राम–रावण युद्ध प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता सीता हरण के बाद भगवान राम वानर सेना के साथ लंका पहुंचे और भीषण युद्ध हुआ। मेघनाथ वध के प्रसंग का उल्लेख करते हुए सुलोचना की धर्मनिष्ठा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा की मनुष्य को हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य और सगे-संबंधियों के साथ अडिग रहना चाहिए।
जानकारी के अनुसार देवी मां की पुराने जीर्ण-शीर्ण मंदिर से नवनिर्मित मंदिर में स्थापना को लेकर यह महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है। प्रवचन कार्यक्रम में यज्ञ अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।