खरौंधी प्रखंड से चंदेश कुमार पटेल कि रिपोर्ट
खरौंधी (गढवा) : प्रखंड अंतर्गत राजी में रविवार को शिव शिष्य बसंत लाल श्रीवास्तव के घर पर शिव चर्चा परिचर्चा का आयोजन किया गया। शिव चर्चा का संचालक गुरु भाई बसंत लाल श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना काल में शिव चर्चा को स्थगित किया गया था। लंबे समय के पश्चात प्रखंड में भगवान शिव का परिचर्चा होना शुरू हो गया है। संचालक बसंत लाल श्रीवास्तव ने कहा भगवान शिव अनादि काल से गुरु है। भगवान शिव की महिमा सभी धर्म गर्न्थो में दरसाया गया है।
उपनिषद पुराण के प्रथम पेज पर लिखा वाक्य “जगत गुरु नस्तुभयम शिवाय शिव दाय च, योगेंद्र नामः योगेंद्र नम गुरु नाम गुरुवे नमः” दर्शाता है कि शिव जगत के गुरु है। तुलसीदास जी ने शम्भवे गुरुवे नः से शिव को प्रणाम कर रामचरित मानस नामक रामायण लिखना प्रारम्भ किया था। उन्ही के आशीर्वाद से रामायण को लिख दिए। इसके अलावे जब जब देवो और दानवों पर विपति आया है। तब तब भगवान शिव ने उनके कष्टो को दूर किया था।
इसलिये हमलोगों को भी भगवान शिव को गुरु बनाते हुये हरिंद्रा नंद साहब तथा नीलम दीदी द्वारा बताये तीन सूत्र के माध्यम से नमन करना चाहिए। अगर हम सभी सच्ची श्रद्धा के साथ तीन सूत्र दया, चर्चा तथा नमन करते है तो भगवान शिव निश्चित रूप से सारे कष्टों को दुर करेंगे। वरिष्ठ गुरु भाई हरिदास प्रसाद ने कहा अभी तक जो लोग भगवान शिव को गुरु नही बनाये है। वे लोग भगवान को गुरु बनाते हुये शिव की महिमा को जन जन तक पहुंचाने का काम करे। भगवान शिव की दया से आपके घर परिवार सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशिया ही खुशिया रहेगी।
इस दौरान प्रमिला देवी, सिंधु देवी, अनीता देवी, पूजा श्रीवास्तव, गणेशी प्रसाद गुप्ता, हरिदास प्रसाद, कृष्णा साह, शांति कुंवर, उर्मिला देवी, शंभू उरांव, नताशा श्रीवास्तव, सरस्वती देवी, कमला देवी, उषा देवी,सहमनिया देवी सहित अन्य शिव शिष्य उपस्थित थे।
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