पलामू में पत्नी ने कराया नक्सली पति को आत्मसमर्पण
शादी के 6 माह बाद नक्सली ने किया आत्मसमर्पण। शादी के बाद पत्नी ने समझाया बेहतर जिवन जीने का तारिका, बेहतर जिंदगी का रास्ता बंदुक की नली से नहीं निकलता।
इससे प्रभावित होकर पलामू में TSPC उग्रवादी अभय यादव गुरुवार को जिले के उपायुक्त शशिरंजन व पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
यह मूलरूप से पलामू जिला के रामगढ़ थाना क्षेत्र के मुसरमु का रहने वाला है। समर्पण के दौरान उग्रवादी ने पुलिस को 2 राइफल व 14 जिंदा गोलियां सौंपी।
यह उग्रवादी वर्ष 2014 से सक्रिय था। वर्ष 2017 में जेल गया। जून 2021 में जेल से बाहर आया और फिर से दस्ते में सक्रिय हो गया। 6 माह पहले इसकी शादी हुई। पत्नी ने सलाह दी कि बेहतर जिंदगी का रास्ता बंदूक की गोली से नहीं निकलता। लिहाजा अगर वह एक अच्छी जिंदगी जीना चाहता है तो उसे हथियार और संगठन छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होना होगा। पत्नी के समझाने पर उग्रवादी ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा घोषित आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं उग्रवादी के परिवार को प्रदान की जाएगी। इसमें आवास निर्माण के लिए जमीन एवं राशि, भविष्य में रोजगार के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण, बच्चों के स्नातक तक की शिक्षा की व्यवस्था, सरकारी बैंकों से स्वनियोजित के लिए ऋण, जीवन बीमा का लाभ शामिल है।

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