
*सब न्यूज कॉर्डिनेटर हेड दयानंद यादव की रिपोर्ट*
बरडीहा (गढ़वा): समाज में व्याप्त डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा और अंधविश्वास ने एक बार फिर एक मासूम की जान ले ली। बरडीहा थाना क्षेत्र में बीते 24 फरवरी को गायब हुए तीन वर्षीय बच्चे का शव बुधवार को घर के समीप ही अरहर के खेत से बरामद हुआ। गढ़वा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महज 24 घंटे के भीतर कांड का उद्भेदन कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला:
जानकारी के अनुसार, 24 फरवरी को बरडीहा थाना को एक 3 वर्षीय बच्चे की गुमशुदगी की सूचना मिली थी। थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह और उनकी टीम लगातार बच्चे की खोजबीन कर रही थी। इसी बीच 25 फरवरी को बच्चे का शव आवेदिका के घर से उत्तर दिशा में करीब 100 मीटर की दूरी पर एक अरहर के खेत से बरामद हुआ। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) गढ़वा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया।
साजिश के सबूत और गिरफ्तारी:
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शक के आधार पर ललन उरांव और विशाल उरांव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल के पास से हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद किया है, जिसमें जूट का बोरा, सल्फास लिखी दो पर्ची, एक पुड़िया में भूरा रंग का गंधयुक्त पाउडर और प्लास्टिक के बोरे शामिल हैं।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह:
पुलिस के अनुसार, यह जघन्य अपराध डायन-बिसाही जैसे सामाजिक कुरीति के प्रभाव में आकर किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अंधविश्वास के चक्कर में इस वारदात को अंजाम दिया। बरडीहा पुलिस ने इस संबंध में कांड संख्या-10/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की अपील:
गढ़वा पुलिस ने जिलेवासियों से एक बार फिर अपील की है कि वे डायन-बिसाही जैसे झूठे अंधविश्वास और कुरीतियों के जाल में न फंसें। यह कानूनन अपराध है और समाज के लिए एक अभिशाप है। पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।