गढ़वा जिला के खरौंधी प्रखण्ड सिसरी निवासी मृतक समीम अंसारी का शव 6 दिन बाद उसके घर पहुंचा। शव पहुँचते ही लोगों का हुजूम जमा हो गया. सभी की आंखें नम हो गईं. वही घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल है. समीम अंसारी अपने तीन बच्चों एवं माता पिता को छोड़ गए। गढ़वा जिला के विभिन्न प्रखंडों से कई ऐसे मजदुर हैं जो दूसरे प्रदेशो में रोजी रोटी के लिए कमाने जाते हैं और इस तरह की अनहोनी घटना काफी मर्माहत करने वाला है।आपको बताते चले की समिस अंसारी दिल्ली गुरुग्राम में 20 मंजिला इमारत पर काम कर रहा था । 20 मंजिला इमारत में काम करने के दौरान बैलेंस बिगड़ने से वह गिर गए । जिससे घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दिल्ली में गुरुग्राम नामक स्थान पर एक फ्लैट बन रहा था उसी में सिसरी निवासी समीम अंसारी पिता मजीद अंसारी सरिया सेटरिंग में परमानंद विश्वकर्मा के ठेकेदारी में काम करते थे। घर में एकलौता यही कमाने वाले था। ग्रामीणों एवं कुछ मजदूरों द्वारा बताया गया कि ठेकेदार द्वारा काम कराने मजदूरों को ले जाया जाता है।
शनिवार को मजदूर शमीम अंसारी का शव पहुंचते ही मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार शव को दफनाते हुए मिट्टी दिया गया।